मुख्यमंत्री ने माना कि पराली की आग जो गलत दिशा में बहने वाली हवाओं के कारण जहरीले हालात पैदा करने का कारण बनी, उससे दिल्ली में ऐसी स्थिति पैदा हुई।
साथ ही विभिन्न स्वतंत्र एजेंसियों के आंकड़े इस बात की तरफ इशारा करते हैं कि मौजूदा स्थिति के लिए बड़े स्तर पर औद्योगिक प्रदूषण, ट्रैफिक और दिल्ली में तेजी से चल रही निर्माण गतिविधियां भी समान रूप से दोषी हैं। मुख्यमंत्री ने अपने बच्चों और पोते-पोतियों के दिल्ली में रहने का जिक्र किया, जो शहर की जहरीली हवा के कारण लाखों लोगों की दुर्दशा साझा करते हैं।
मोदी से पूछा- बताओ कौन सा हल है
कैप्टन ने याद दिलाया कि उन्होंने अलग-अलग मौकों पर प्रधानमंत्री और अन्य केंद्रीय मंत्रियों को पत्र लिखकर 100 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने का सुझाव भी दिया था, ताकि किसानों को पराली के निपटारे के लिए सुविधा मुहैया करवाई जा सके।
‘‘ऐसा लगता है कि केंद्र सरकार इसे सही हल नहीं समझती। जिस कारण आपने मेरी विनती पर कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं दी। फिर बताओ, वह कौन सा हल है जिससे इस समस्या को हमेशा के लिए समाप्त किया जा सकता है।’’ कैप्टन ने आगे कहा,‘‘प्रधानमंत्री जी, क्या यह आपकी सरकार का काम नहीं कि पंजाब, दिल्ली और हरियाणा समेत सभी साझेदारों के साथ परामर्श करके इसका स्थायी हल ढूंढा जाए।’’