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सौतेला व्यवहार का आरोप: कैप्टन ने कांग्रेस सांसदों से केंद्र पर ऑक्सीजन, दवाओं की आपूर्ति के लिए दवाब बनाने की अपील की

Fri, 07 May 2021 01:17 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने गुरुवार को राज्य के कांग्रेस सांसदों से केंद्र सरकार पर ऑक्सीजन, टैंकरों, टीका और महत्वपूर्ण दवाओं की आपूर्ति बढ़ाने के लिए दवाब बनाने का आग्रह किया है ताकि पंजाब सरकार को कोरोना की दूसरी लहर से प्रभावी ढंग से निपटने में मदद मिल सके।
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कैप्टन अमरिंदर सिंह। (फाइल फोटो) - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने गुरुवार को राज्य के कांग्रेस सांसदों से कहा कि वह ऑक्सीजन, टैंकरों, वैक्सीन और जरूरी दवाओं की सप्लाई के लिए केंद्र सरकार पर दबाव बनाएं ताकि कोरोना महामारी की दूसरी खतरनाक लहर का प्रभावशाली ढंग से मुकाबला करने में राज्य सरकार की मदद हो सके।

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संसद सदस्यों से राज्य के ऑक्सीजन कोटे को बढ़ाने और रोजमर्रा का 195 मीट्रिक टन अलॉट कोटे की ढुलाई के लिए अतिरिक्त टैंकर भेजने का भारत सरकार पर दबाव बनाने की बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड के खिलाफ जंग में जरूरी सप्लाई के मामले में पंजाब के साथ केंद्र द्वारा सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि भाजपा शासित पड़ोसी राज्य हरियाणा को पंजाब की अपेक्षा अधिक ऑक्सीजन कोटा और अधिक टैंकर मिल रहे हैं।

कैप्टन ने सांसदों को बताया कि राज्य द्वारा बार-बार अनुरोध करने और प्रधानमंत्री व गृह मंत्री को 50 मीट्रिक टन ऑक्सीजन कोटा बढ़ाने संबंधी निजी तौर पर पत्र लिखने के बावजूद राज्य अब भी अपेक्षित ऑक्सीजन की कमी से जूझ रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य को अपनी मौजूदा जरूरतें पूरी करने के लिए 195 मीट्रिक टन का कोटा अपर्याप्त है और टैंकरों की कमी के कारण इस कोटे वाली ऑक्सीजन की भी पूरी तरह लिफ्टिंग नहीं की जा सकी। उन्होंने कहा कि राज्य का इस समय करीबी स्रोतों (देहरादून, पानीपत, रुड़की) की तरफ 120 मीट्रिक टन का बैकलॉग पड़ा है। उन्होंने कहा कि मौजूदा स्थिति बहुत गंभीर है और पंजाब इस समय 12 घंटों के ऑक्सीजन सप्लाई चक्र का प्रबंध कर रहा है।

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टीकाकरण के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उपलब्धता को बेहतर करने के लिए केंद्र सरकार और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया दोनों के साथ लगातार संपर्क बना रही है। मीटिंग में अमृतसर से गुरजीत सिंह औजला, पटियाला से परनीत कौर, फतेहगढ़ साहिब से डॉ. अमर सिंह, खडूर साहिब से जसबीर सिंह गिल, लुधियाना से रवनीत सिंह बिट्टू, जालंधर से संतोख सिंह चौधरी, श्री आनंदपुर साहिब से मनीष तिवारी और फरीदकोट से मुहम्मद सदीक, राज्यसभा सदस्य प्रताप सिंह बाजवा, शमशेर सिंह दूलो और पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रधान सुनील जाखड़ मौजूद रहे।

सांसदों ने एमपीलैड फंड की पेशकश की
दोनों सदनों के संसद सदस्यों ने वादा किया कि उनके एमपीलैड फंड का इस्तेमाल सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन उत्पादन प्लांट स्थापित करने के लिए किया जाए ताकि पंजाब में इलाज के लिए पड़ोसी राज्यों से मरीजों के आने के कारण राज्य पर पड़ रहे भार से निपटा जा सके।

वेंटिलेटर की कमी से भी जूझ रहा पंजाब : कैप्टन
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑक्सीजन, टैंकरों, वैक्सीन और दवाओं की कमी के अलावा राज्य वेंटिलेटर फ्रंट पर भी जूझ रहा है क्योंकि भारत सरकार द्वारा प्राप्त 809 वैंटिलेटरों में से 108 को स्थापित करने के लिए कोई भी बीईएल इंजीनियर नहीं है।

दवा की 650 शीशियां मांगीं, 200 मिली : कैप्टन
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के प्रति केंद्र की उदासीनता इसी से साफ हो जाती है कि अन्य राज्यों को टोसीलीजुमब की ज्यादा सप्लाई दीं गई। इसका आयात और वितरण भारत सरकार द्वारा नियंत्रित किया गया है। उन्होंने आगे कहा कि राज्य ने 650 शीशियों की मांग की थी परंतु शुरुआती चरण में सिर्फ 200 ही दीं गई जिनका वितरण सरकारी और निजी अस्पतालों में किया गया। उन्होंने कहा कि रेमडिसिवर की सप्लाई बहुत कम है क्योंकि राज्य को अलॉट की गई 50000 शीशियों की सप्लाई बहुत धीमी है।
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