दो जगह पर चुनाव लड़ना इसलिए मुश्किल है, क्योंकि चन्नी के भाई मनोहर सिंह आजाद उम्मीदवार के तौर पर बस्सी पठाना से चुनाव लड़ रहे हैं। मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह के दो अन्य भाई मनमोहन सिंह और सुखवंत सिंह श्री चमकौर साहिब विधानसभा हलके से ही कमान संभाले हैं।
भदौड़ विधानसभा सीट से चरणजीत सिंह चन्नी कांग्रेस कार्यकर्ताओं के सहारे चुनाव मैदान में उतरे हैं लेकिन उनके पारिवारिक सदस्य व रिश्तेदार श्री चमकौर साहिब और बस्सी पठाना में चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं। अगर चन्नी के भाई मनोहर सिंह अपना नाम वापस नहीं लेते तो उनके परिवार के लिए तीन सीटों पर काम करना आसान नहीं होगा।
मुख्यमंत्री बनने के बाद चरणजीत सिंह चन्नी श्री चमकौर साहिब हलके में बड़े स्तर पर विकास करवाने में कामयाब तो रहे लेकिन इस दौरान सुरक्षा घेरे और राज्य की सियासत संभलाने में व्यस्त होने के करण लोगों से पूरी तरह राबता कायम नहीं रख सके। 111 दिनों में लोगों से बनी दूरी और आशंकाओं के कारण यहां भी मुकाबला सख्त दिखाई दे रहा है।
चन्नी के सामने ये हैं प्रतिद्वंदी
आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी डॉ. चरणजीत सिंह चन्नी मौजूद समय में मुख्यमंत्री चन्नी को टक्कर दे रहे हैं। अकाली दल व बसपा के प्रत्याशी हरमोहन सिंह संधू का प्रचार अभी धीमा है। भाजपा के प्रत्याशी शिवजोत सिंह भी चमकौर साहिब हलके में काफी समय से लोगों के संपर्क हैं और अब टिकट मिलने के बाद अभियान तेज कर दिया है। ऐसे समीकरणों में मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को दो विधानसभा हलको से चुनाव लड़ना आसान नहीं होगा।