मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी इस बार अपनी परंपरागत चमकौर साहिब सीट से साथ भदौड़ सीट से भी चुनाव लड़ेंगे। चन्नी के लिए भदौड़ सीट कितनी सुरक्षित रहेगी, इस पर सवालिया निशान है। चार साल से भदौड़ में कांग्रेस की कमान किसी भी नेता के हाथ में नहीं रही है और स्थानीय कांग्रेसी नेताओं में जबरदस्त धड़ेबंदी है।
विधानसभा हलका भदौड़ से अब तक सीपीआई-एम के प्रत्याशी बलवीर सिंह, पंजाब किसान दल के बग्गा सिंह काहनेके, शिरोमणि अकाली दल-बसपा गठबंधन के सतनाम सिंह राही ने नामांकन पत्र दाखिल किए हैं। इसके अलावा शिअद की तरफ से मनवीर कौर राही ने भी नामांकन दाखिल कर दिया है।
पंजाब विधानसभा के मौजूदा चुनाव में अब तक चन्नी ऐसे दूसरे नेता होंगे, जो दो सीटों पर भाग्य आजमा रहे हैं। इससे पहले अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने अमृतसर नार्थ के अलावा अपनी परंपरागत मजीठा सीट से चुनाव लड़ने का एलान किया था।
रविवार को कांग्रेस प्रत्याशियों की आखिरी सूची जारी होने के साथ ही साफ हो गया कि पार्टी ने इस बार टिकट वितरण में अपने 11 मौजूदा विधायकों के टिकट काट दिए हैं। नवांशहर से विधायक अंगद सैनी, जलालाबाद से विधायक रमिंदर आवला और अटारी से तरसेम डीसी का टिकट काटा गया है। पार्टी ने नवांशहर से सतबीर सिंह सैनी को टिकट दिया है। विधायक अंगद सैनी की पत्नी अदिति सिंह उत्तर प्रदेश में भाजपा में शामिल हो गई हैं और भाजपा के टिकट पर चुनाव भी लड़ रही हैं। इसे ही अंगद सैनी का टिकट कटने की वजह माना जा रहा है। उधर, जलालाबाद से विधायक रमिंदर आवला उपचुनाव जीतकर विधायक बने थे। इस बार वह सुखबीर बादल के खिलाफ नहीं लड़ना चाहते थे और उन्होंने दूसरी सीट से टिकट की मांग की थी। परंतु कांग्रेस ने उन्हें दूसरी जगह से टिकट देने के बजाय मौजूदा सीट से भी उनका टिकट काट दिया।