पंजाब की नई सरकार ने अपनी जनता के लिए जो वायदा किया था, अब वह उसे पूरा करने जा रही है। इसके मुताबिक, अब हर सिर के ऊपर छत होगी। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कांग्रेस के चुनावी वादों पर अमल की कवायद शुरू कर दी है।
उन्होंने वादे के मुताबिक बेघर लोगों को घर मुहैया करवाने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अवैध कॉलोनियों को रेगुलर करने को लेकर विधि-विधान तैयार करने के संबंध में मुख्य सचिव की अगुवाई में कमेटी गठित करने का फैसला किया। सीएम ने मंगलवार को शहरी विकास विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की।
कैप्टन ने मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत लाभार्थियों की पहचान और पड़ताल की प्रक्रिया शुरू करने के आदेश दिए। सभी अलॉटमेंट में एससी वर्ग को 30 प्रतिशत आरक्षण के वादे को लागू करने और एमआईजी घर खरीदने या उसके नवीनीकरण को लोगों को सब्सिडी वाले कर्ज मुहैया का फैसला किया। एलआईजी आवास के लिए नई नीति लाने पर सहमति बनी।
मास्टर प्लान तैयार करने का काम पूरा करने के निर्देश दिए
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह
सीएम ने सभी शहरों का मास्टर प्लान तैयार करने का काम चालू वित्त वर्ष के अंत तक पूरा करने को कहा। रियल एस्टेट को बढ़ावा देते हुए प्रमोटरों को एनओसी के आधार पर प्रोजेक्ट के अलॉटमेंट सहित कई और कदम उठाने का फैसला किया गया।
एनडीसी अब तीन माह के लिए मान्य होगा। सीएम ने 31 मार्च 2018 तक गमाडा द्वारा लगाई ट्रांसफर फीस ढाई से घटाकर दो प्रतिशत करने का फैसला किया। वित्त मंत्री मनप्रीत बादल ने सभी शहरों में मास्टर प्लान लागू करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अभी सिर्फ 43 शहरों का ही मास्टर प्लान बना है।
सीएम ने मास्टर प्लान तैयार करके ऑनलाइन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। अलॉटियों को प्रॉपर्टी रिकार्ड ऑनलाइन मुहैया कराने के लिए मोबाइल एप शुरू किया गया। जिसमें ई-भुगतान, प्रयोग चार्जेज भी उपलब्ध होंगे। सीएलयू घटाने के प्रस्ताव पर सभी पक्षों से राय लेने का फैसला किया गया।
सिंगल विंडो सिस्टम शुरू करने का फैसला लिया
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह
सीएम ने मैरिज पैलेसों की समस्याओं के लिए उनसे फीडबैक लेने के निर्देश दिए। पांच बड़े शहरों में छोटे निवेशकों के लिए सिंगल विंडो सिस्टम शुरू करने का फैसला किया गया।
इसके अलावा प्लॉटों व स्थानों के लिए जायज आरक्षित कीमतें तय करने, मध्यम आकार के रियल एस्टेट हाउसिंग प्रोजेक्ट की मंजूरी नीति को दोबारा जांचने, सभी मास्टर प्लान में औद्योगिक जोन में आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए रिहायशी प्रोजेक्ट रखने, ईडीसी की अदायगी के लिए 2017 तक मोहलत देने का भी फैसला हुआ।
जो जगहें 31 मार्च 2018 तक गिरवी रखी गई हैं, उनको उन्हीं दरों पर छुड़ाया जाएगा। रणजीत सागर डैम के आसपास पीपीपी के तहत टूरिज्म-कम-थीम पार्क विकसित करने का भी फैसला किया गया।
अवैध कॉलोनियां रेगुलर करने को बनी कमेटी
सीएम ने अवैध कालोनियों को रेगुलर करने को लेकर मुख्य सचिव करन अवतार सिंह की अगुवाई में कमेटी गठित करने के निर्देश दिए हैं। कमेटी में आवास निर्माण, स्थानीय निकाय और राजस्व विभाग के अधिकारी होंगे। यह कमेटी अवैध कॉलोनियां रेगुलर करने और वहां रहने वाले लोगों को मालिकाना हक देने के संबंध में कानून तैयार करेगी। यह कमेटी नगर निकायों और उनकी सीमा से बाहर बनी कॉलोनियों पर विचार करेगी।