पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह 21 नवंबर को पंजाब भवन में किसान जत्थेबंदियों से मुलाकात करेंगे। मीटिंग के दौरान रेल यातायात की बहाली और यूरिया की सप्लाई के मुद्दे पर चर्चा होने की संभावना है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार कैप्टन संदीप संधू की ओर से सूबे के सभी 30 किसान संगठनों के पदाधिकारियों को मीटिंग के लिए पत्र भेजा गया है। यह बैठक दोपहर 1.30 बजे शुरू होगी।
यह पहला अवसर है जब केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे सूबे के किसान संगठनों के साथ मुख्यमंत्री खुद मुलाकात करेंगे। इससे पहले मुख्यमंत्री ने किसान संगठनों से बातचीत के लिए तीन कैबिनेट मंत्रियों को जिम्मेदारी सौंपी हुई थी।
गुरुवार को किसान संगठनों द्वारा यात्री ट्रेनें नहीं चलने देने का फैसला लिए जाने के बाद मुख्यमंत्री ने किसान नेताओं से खुद मिलने का फैसला किया है। प्रदेश में केंद्र द्वारा किसानों के रेल रोको आंदोलन के कारण केंद्र सरकार ने ट्रेनों की आवाजाही रोक दी है। हालांकि मुख्यमंत्री के आग्रह के बाद आंदोलनकारी किसानों ने मालगाड़ियों को अपने आंदोलन से छूट दे दी थी, लेकिन केंद्र सरकार ने तब तक ट्रेनें नहीं चलाने का एलान किया है, जब तक सभी रेलवे ट्रैक और स्टेशनों से किसान धरना नहीं उठा लेते।
गुरुवार को भी मुख्यमंत्री ने किसानों से रेल रोको आंदोलन समाप्त करने का आग्रह किया था, लेकिन किसान संगठनों ने बैठक कर साफ कर दिया कि केंद्र सरकार पहले मालगाड़ियां चलाए, उसके बाद यात्री गाड़ियों के बारे में फैसला लिया जाएगा।
दूसरी ओर, पंजाब में रबी सीजन की बिजाई को लेकर यूरिया की आमद भी रुक गई है, जिसे लेकर भी राज्य सरकार ने किसानों से आग्रह किया था कि वे रेल रोको आंदोलन वापस ले लें लेकिन अब किसानों का कहना है कि राज्य सरकार यूरिया की आमद की व्यवस्था खुद करे और ट्रकों के जरिए यूरिया पंजाब लाया जाए। इन दोनों मुद्दों पर शनिवार की बैठक में विचार-चर्चा होना तय है।
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा है कि केंद्र सरकार को उदारता दिखाते हुए मालगाड़ियों की आवाजाही की बहाली को यात्री ट्रेनों से नहीं जोड़ना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकारों की साझी जिम्मेदारी है कि रेल सेवा थमने से पैदा हुए संकट को हल करने के लिए रचनात्मक माहौल बनाया जाए। इस संदर्भ में मुख्यमंत्री दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी मिलेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रेल यातायात लगातार बंद रहने से न सिर्फ पंजाब बल्कि पड़ोसी राज्यों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यहां तक कि लद्दाख और कश्मीर में फौज भी प्रभावित हुई है, क्योंकि लंबे समय से रेल सेवा ठप होने के कारण आपूर्ति पर गंभीर प्रभाव पड़ा है। कैप्टन ने कहा कि इस स्थिति को तुरंत हल करने की जरूरत है। उन्होंने केंद्र सरकार से रेल यातायात शुरू करने के संबंध में उदारता से विचार करने की अपील की।