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नवजोत सिद्धू से टकराव पर सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने दी सफाई, बोले- बस एक बात पसंद नहीं

Mon, 10 Dec 2018 09:27 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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कैप्टन अमरिंदर सिंह
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मंत्री नवजोत सिद्धू के साथ टकराव के सवालों का जवाब देते हुए कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सफाई दी और कहा कि मुझे उनकी बस एक बात पसंद नहीं। सीएम ने कहा कि उन्होंने सिद्धू को बताया था कि पाक विदेश मंत्रालय के न्यौते को लिखित तौर पर रद्द कर उन्होंने उसकी कॉपी सोशल मीडिया पर डाली थी।
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वहीं सिद्धू पाक न जाने की सलाह के बावजूद इमरान से दोस्ती के कारण वहां गए थे। कैप्टन ने कहा कि उनके भी पाक में कई दोस्त हैं, जिनमें पाक पंजाब के पूर्व सीएम परवेज इलाही शामिल हैं। लेकिन फिर भी वे वहां नहीं गए। सीएम ने कहा कि सिद्धू एक पसंदीदा व्यक्ति हैं। उनके पिता पटियाला कांग्रेस के प्रधान थे। उनके और सिद्धू के बीच कभी टकराव पैदा नहीं हुआ।

सरकार चलाते समय भी सिद्धू से कोई समस्या नहीं हुई। सिद्धू हमेशा स्पष्ट तरीके से बात करते हैं। यह कोई मुद्दा नहीं है, सिद्धू ने हमेशा उन्हें पिता समान ही समझा है। उनकी एक ही समस्या है कि कई बार वे सोचने से पहले ही बोल जाते हैं और यही बात मुझे पसंद नहीं है। हर इंसान को बोलने से पहले सोचना है और कभी-कभी बोलने से पहले सोचना बहुत जरूरी हो जाता है।
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करतारपुर कॉरिडोर खोलना पाक सेना की बड़ी साजिश का हिस्सा

कैप्टन अमरिंदर सिंह
सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि करतारपुर कॉरिडोर के मामले में पाक सेना ने बड़ी साजिश रची है। इमरान खान के शपथ लेने से पहले ही पाक सेना प्रमुख जनरल जावेद बाजवा द्वारा नवजोत सिद्धू को करतारपुर कॉरिडोर खोलने के संबंध में बताना इसकी पुष्टि करता है। एक इंटरव्यू में सीएम ने कहा कि करतारपुर कॉरिडोर खोलना निश्चित तौर पर आईएसआई की योजना का हिस्सा है।

लगता है कि पाक सेना ने भारत के खिलाफ एक बड़ी साजिश रची है। पाक की तरफ से पंजाब में आतंकवाद को दोबारा पैदा करने की कोशिश की बात को मानते हुए कैप्टन ने कहा कि हर किसी को सावधान रहना चाहिए। यह अपनी पीठ ठोंकने की जंग के अलावा कुछ नहीं है। सरहदी सूबे में अस्थिरता पैदा करना पाक का मकसद है, जिसके लिए आतंकी सरगर्मियां की जा रही हैं।

कैप्टन ने स्थानीय निकाय मंत्री सिद्धू को पाक पीएम के हाथों की कठपुतली बताने के लिए अकालियों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि सिद्धू के मुद्दे को गैर जरूरी ढंग से उभारा जा रहा है। जो इसे उभार रहे हैं, वे आईएसआई की योजना देखने में असमर्थ हैं। कैप्टन ने उनके और सिद्धू के संबंधों पर अनावश्यक विवाद खड़ा करने के लिए भी अकाली व भाजपा हाईकमान की निंदा की।
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इमरान को अपने सेना प्रमुख पर भी जोर डालना चाहिए

अमरिंदर सिंह - फोटो : SELF
कैप्टन ने कहा कि बंटवारे के समय से ही कॉरिडोर की मांग लंबित है। श्री ननकाना साहिब, श्री पंजा साहिब, डेरा साहिब और करतारपुर साहिब जैसे सिखों के बहुत से धार्मिक स्थान बंटवारे के बाद पाक में रह गए हैं। पूर्व पीएम इंदिरा गांधी और डॉ. मनमोहन सिंह ने भी करतारपुर कॉरिडोर का मुद्दा पाक से उठाया था। सीएम ने कहा कि इमरान भारत के साथ शांति की कोशिश कर रहे हैं लेकिन उन्हें अपने सेना प्रमुख पर भी जोर डालना चाहिए कि सरहद पर हमारे जवानों की हत्याएं रोकना यकीनी बनाएं। पाक का इतिहास है, वहां पीएम को सत्ता में रहने को सेना की लाइन पर चलना पड़ता है। 

सीएम ने कहा कि करतारपुर कॉरिडोर समागम का न्यौता उन्होंने जानबूझकर अस्वीकार किया था। वह तब तक पाक जाने के बारे में सोच भी नहीं सकते, जब तक वह हमारे जवानों और आम लोगों की हत्याएं बंद नहीं करता। उन्होंने कहा कि पाक सेना को समझना चाहिए कि पंजाब पुलिस उससे सीधे टक्कर लेने में समर्थ है। हम उच्च तकनीक के हथियार, गोला-बारूद से लैस है। हमारी पुलिस ने निरंकारी सत्संग घर पर हमले के आरोपियों को दो दिनों में पकड़ लिया था। आईएसआई के समर्थन प्राप्त 19 गिरोहों को खत्म किया है।

उन्होंने कहा कि आईएसआई कनाडा, अमेरिका, यूरोप में सिखों को बरगला कर फायदा उठाने की कोशिश कर रही है। सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) के जरिये लोगों को भड़काया जा रहा है। हालांकि पंजाब के लोग कभी रेफ्रेंडम 2020 का समर्थन नहीं करेंगे। पंजाब में एसएफजे की बात करने वाला कोई नहीं है।
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