पंजाब सरकार ने बजट सत्र से पहले नई औद्योगिक नीति लाने की तैयारी कर ली है। इसके लिए पंद्रह सब-कमेटियां बनाई गई हैं, जोकि नई इंडस्ट्रियल पॉलिसी का ब्लू प्रिंट तैयार करेंगी। इन कमेटियों में उन सभी विभागों को लिया गया है, जिनसे संबंधित इंडस्ट्री के मुद्दे पॉलिसी में होंगे।
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सरकार की कोशिश है कि बाहर से आने वाले निवेश के साथ-साथ पंजाब से भी नए निवेश को प्रोत्साहित किया जाए। इसकेअलावा राज्य की मौजूदा इंडस्ट्री को ऑक्सीजन देने पर खास फोकस है। क्योंकि कांग्रेस ने अपने मेनिफेस्टो में औद्योगिक संगठनों को इस संबंध में वादा भी किया था।
इसके लिए सभी राज्यों की बेस्ट प्रैक्टिस को स्टडी किया जाएगा। साथ ही सीआईआई और केपीएमजी केसुझाव भी लिए जाएंगे। केपीएमजी पंजाब सरकार के प्रोग्रेसिव पंजाब समिट में नॉलेज पार्टनर रही है। जानकारी के मुताबिक उद्योग विभाग ने मौजूदा इंडस्ट्री की हालत देखने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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इसके लिए अधिकारी अलग-अलग इंडस्ट्रियल सेक्टरों के साथ बैठकें कर रहे हैं, जिसमें सिर्फ इस बात पर फोकस है कि इंडस्ट्री की समस्या क्या है और उसका हल कैसे हो सकता है। उद्योग विभाग के डायरेक्टर आरके वर्मा खुद कई जिलों में मीटिंग कर चुके हैं। इसकेअलावा संबंधित विभागों ने भी बैठकें शुरू कर दी हैं।