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पंजाबः इतिहास के सिलेबस को लेकर सीएम का बड़ा ऐलान, उठाया जाएगा ये कदम

Tue, 08 May 2018 10:52 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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अमरिंदर सिंह
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पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने प्रसिद्ध इतिहासकार प्रो. किरपाल सिंह के नेतृत्व में छह सदस्यीय निरीक्षण कमेटी गठित करने का एलान किया है। यह वर्ष 2014 में गठित पैनल द्वारा इतिहास पाठ्यक्रम पर दी गई सिफारिशों की जांच पड़ताल करने के साथ-साथ भविष्य में पंजाब बोर्ड की इतिहास की सभी किताबों का भी निरीक्षण करेगी। मुख्यमंत्री ने इस मामले पर अनावश्यक सियासत करने पर विरोधी पक्ष की आलोचना की।
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उन्होंने पंजाब भवन में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा कि वास्तव में इससे पहले इतिहास की कोई किताब ही नहीं थी और जिसका जिक्र अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल की तरफ से किया जा रहा है। वह केवल गाइड है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सिख गुरु साहिबान और बाबा बंदा सिंह बहादुर से संबंधित सिलेबस हटाया नहीं गया। इसे क्रमवार ग्यारहवीं और बारहवीं कक्षा में शामिल किया गया है।

प्रो. कृपाल सिंह चेयरमैन
मुख्यमंत्री की तरफ से घोषित कमेटी में प्रो. किरपाल सिंह चेयरमैन बनाए गए हैं। कमेटी में गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी के पूर्व उप कुलपति प्रो. जेएस ग्रेवाल, गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी के पूर्व प्रो-वाइस चांसलर प्रो. पृथीपाल सिंह कपूर और पंजाब यूनिवर्सिटी के इतिहास की एमेरिटस प्रोफेसर इंदु बंगा को शामिल किया गया है। सीएम ने कहा कि इस कमेटी में दो प्रसिद्ध इतिहासकार एसजीपीसी की तरफ से नामजद किए जाएंगे।
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ये काम करेगी कमेटी
यह कमेटी वर्ष 2014 में गठित माहिरों के ग्रुप की सिफारिशों पर विचार करके रिपोर्ट देगी। उस ग्रुप की सिफारिशों के आधार पर ग्यारहवीं और बारहवीं कक्षा के इतिहास के नए सिलेबस में किए गए बदलाव जांचेगी और यदि कोई सुधार करना हुआ तो उस संबंधी अपना सुझाव देगी। कमेटी को पाठ्यक्रम एनसीईआरटी की तरफ से निर्धारित इतिहास के सिलेबस के मुताबिक करने को भी कहा गया है। इसके अलावा कमेटी को पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की सभी कक्षाओं की इतिहास की पुस्तकों के सिलेबस और विषय-वस्तु का निरीक्षण करने और तथ्यों में गलती दूर करने के निर्देश दिए गए हैं।

यह था मामला
विपक्षी दलों ने पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड पर इतिहास के सिलेबस से सिख गुरुओं के युग से संबंधित अध्याय हटाने और पुस्तकों की शब्दावली में गलतियां होने का आरोप लगाया था। इसके बाद यह मामला बढ़ने पर पंजाब सरकार के मंत्रियों ने सफाई भी दी थी।
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