पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कश्मीर के घटनाक्रम के मद्देनजर भारत में आतंक को पुनर्जीवित करने के लिए हो रहे प्रयासों पर चिंता जताई। साथ ही राज्य के नागरिक और प्रशासनिक अधिकारियों को निरंतर सतर्कता बनाए रखने और सुरक्षा बलों के साथ समन्वय करने का आह्वान किया।
अपने आधिकारिक आवास पर पंजाब आईएएस ऑफिसर्स एसोसिएशन के लिए उनके द्वारा आयोजित रात्रिभोज में, मुख्यमंत्री ने बताया कि पंजाब एक सीमावर्ती राज्य होने के नाते, विशेष रूप से कमजोर रहा है। उन्होंने, नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न नागरिक और सुरक्षा एजेंसियों के बीच घनिष्ठ समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया।
कैप्टन ने कहाकि सरकार पंजाब की शांति और सद्भाव को किसी भी कीमत पर खराब नहीं होने देगी। वर्तमान परिदृश्य में आईएएस अधिकारियों की भूमिका अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि वे अलर्ट पर रहें, और सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर काम करें ताकि वे अपने-अपने जिलों में आंखें और कान बनाकर किसी भी घटना से निपट सकें।