यहां से पाकिस्तान में प्रवेश करेगी संगत
550वें प्रकाश पर्व पर करतारपुर साहिब के दर्शन करने जाने वाले श्रद्धालुओं को दरबार साहिब में रुकने नहीं दिया जाएगा। इसके अलावा भी कई नियम होंगे। जैसे पाकिस्तान सरकार ने श्री करतारपुर साहिब के दर्शनों के लिए हर रोज आने वाले पांच हजार तीर्थयात्रियों की सुविधा और तीव्र निकासी के लिए करतारपुर कॉरिडोर के मुख्य टर्मिनल भवन में 80 इमीग्रेशन (आप्रवासन) काउंटर स्थापित किए हैं।
इन काउंटर में तैनात अधिकारियों पर यात्रियों के पासपोर्ट की जांच के साथ-साथ उन्हें गुरुद्वारा करतारपुर साहिब के लिए एक यात्रा कार्ड जारी करने की भी जिम्मेदारी होगी। पाक की संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) इसी काउंटर से भारत सरकार द्वारा भेजी गई यात्रियों की सूची की जांच करेगी। वहीं एफआईए दस दिन पहले भारतीय सीमा सुरक्षा बल को भारतीय तीर्थयात्रियों की निकासी की सूची भेजेगी।
पाकिस्तान ने मुख्य टर्मिनल में तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए तीन प्रवेश द्वार बनाए हैं। तीर्थयात्रियों के पास उनके आगमन पर स्कैन किए गए पासपोर्ट होंगे। यात्रियों को कड़ी सुरक्षा के बीच पाकिस्तान रेंजर्स के दस्ते के साथ विशेष बसों में गुरुद्वारा दरबार साहिब ले जाया जाएगा। तीर्थयात्री गुरुद्वारा दरबार साहिब में प्रवेश करने से पहले बायोमीट्रिक स्क्रीनिंग से गुजरेंगे। साथ ही यात्री उसी गेट से बाहर निकल पाएंगे जिस गेट से उनके दस्तावेज की जांच की गई थी।
पाकिस्तान सरकार ने जिस तीर्थयात्री का पासपोर्ट ब्लैकलिस्ट में रखा होगा, उसे दर्शन करने की आज्ञा नहीं होगी। श्रद्धालुओं को उसी दिन शाम 5 बजे वापसी करनी होगी। किसी भी तीर्थयात्री को दरबार साहिब में ठहरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए श्री दरबार साहिब से चार किलोमीटर दूर जीरो प्वाइंट पर एक इमिग्रेशन हाल (आव्रजन हॉल) बनाया गया है।