कैप्टन के साथ इस मौके पर मौजूद छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी कहा कि कांग्रेस राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर का विरोध करती है। यह लोगों को देश छोड़ने के लिए मजबूर करने के लिए एक हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। कैप्टन ने सवाल किया कि क्या होगा अगर बांग्लादेश असम से निकाले जाने वाले लोगों को लेने से इंकार कर दे? उन्होंने कहा कि केंद्र ऐसे अहम मुद्दों पर एकतरफा फैसले नहीं ले सकता।
ऐसा फैसला कई दिक्कतें खड़ी करेगा। उन्होंने कहा कि क्या विदेश में बसे भारतीयों को हम देश आने से रोक सकते हैं, अगर वह वापस देश लौटने की इच्छा रखें?
अब नहीं चलेगा भाजपा का राष्ट्रवाद का एजेंडा : कैप्टन
कैप्टन ने कहा कि महाराष्ट्र और हरियाणा के चुनाव नतीजों ने स्पष्ट कर दिया है कि भाजपा का राष्ट्रवाद का एजेंडा अब मतदान में नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि हर भारतीय दिल से राष्ट्रभक्त है लेकिन लोग सबसे पहले अपनी इच्छाओं की पूर्ति चाहते हैं। उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार के कार्यकाल के बाद ताजा चुनावी नतीजों ने स्पष्ट संकेत दे दिए हैं कि बदलाव की हवा चल रही है।
उन्होंने कहा कि इस समय यह बात अहम है कि किसी भी पार्टी का सरकार में बने रहना उसके प्रदर्शन पर निर्भर करता है। अगर कोई पार्टी अच्छा प्रदर्शन नहीं करती तो लोग उसे सत्ता से बाहर कर देते हैं। उन्होंने अकाली दल के चुनावी प्रदर्शन की तरफ इशारा करते हुए कहा कि पंजाब की पिछले विधानसभा चुनाव में अकालियों का सफाया हो गया था।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा का राष्ट्रवाद का नारा गांधी से नहीं बल्कि हिटलर से प्रभावित है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने पुलवामा मामले पर एक बार तो राजनीति करके चुनाव में सफलता हासिल कर ली लेकिन दोबारा इसे महाराष्ट्र और हरियाणा में ऐसे नतीजे नहीं मिल सके।
सोनिया गांधी के अंतरिम अध्यक्ष बनने पर पार्टी का प्रदर्शन सुधरा: कैप्टन
कैप्टन ने कांग्रेस में किसी भी पहचान का संकट होने की बात को नकारते हुए कहा कि सोनिया गांधी के अंतरिम अध्यक्ष बनने के बाद पार्टी का प्रदर्शन सुधरा है। इससे सिद्ध होता है कि लोगों का अभी भी इंडियन नेशनल कांग्रेस में विश्वास है। ‘कांग्रेस के नेतृत्व के लिए कौन सर्वोत्तम नेता है?’ सवाल पूछे जाने पर कैप्टन ने कहा कि यह फ़ैसला कांग्रेस वर्किंग कमेटी को करना है और वह अपने विचार वहां साझा करेंगे, जब पूछा जायेगा।