पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह।
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मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने लगातार दूसरे दिन गुरुवार को भी प्रदेश कांग्रेस के विधायकों की शिकायतें सुनीं। कैप्टन ने बुधवार को 16 विधायकों बुलाया था जबकि गुरुवार को 12 विधायकों को सिसवां स्थित अपने आवास पर दोपहर के खाने पर बुलाया और उनकी नाराजगी दूर की। इनमें दलित समुदाय के नेता भी थे।
मुख्यमंत्री ने एक-एक विधायक से मुलाकात की। अधिकांश ने अपने-अपने हलकों के रुके हुए कार्यों के अलावा कल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं पहुंचने की शिकायत की। विधायकों की यह भी शिकायत रही कि अफसर उनकी बात नहीं सुनते। कैप्टन ने मौके पर ही कई अफसरों को समस्याओं का हल करने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री ने सभी जिला उपायुक्तों को जारी आदेश में स्पष्ट किया है कि संबंधित विकास कार्यों में विधायकों को भी शामिल किया जाए, जिससे आम लोगों में अपने विधायक की सक्रियता का संदेश जाए।
मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव से कहा कि सभी डिप्टी कमिश्नरों को निर्देश दिए जाएं कि वे अपने हलकों के विधायकों द्वारा उठाए गए विकास कार्यों संबंधी मुद्दे और उनके विधानसभा क्षेत्रों में लंबित विकास कार्यों के बारे में 10 दिन में सरकार को रिपोर्ट भेजें, ताकि सभी कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा कराने के लिए बजट भी जारी किया जा सके।