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पंजाब सरकार का ऑफर: कैप्टन ने दी रिवार्ड पॉलिसी को मंजूरी, अब नशे की खेप पकड़वाओ, नकद इनाम पाओ

Thu, 22 Apr 2021 01:17 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

एनडीपीएस एक्ट के तहत नशों की बरामदगी कराने के लिए जानकारी और गुप्त सूचना देने को बढ़ावा दिया जाएगा और सूचना देने वालों को नकद पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। कोकीन और उसका साल्ट पकड़वाने पर 2.40 लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा।
 
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पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह - फोटो : twitter.com/capt_amarinder
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विस्तार
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पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस पॉलिसी का जिक्र करते हुए बुधवार को एक रिवार्ड पॉलिसी को मंजूरी दे दी। इससे एनडीपीएस एक्ट के तहत नशों की बरामदगी कराने के लिए जानकारी और गुप्त सूचना देने को बढ़ावा दिया जाएगा और सूचना देने वालों को नकद पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। कोकीन और उसका साल्ट पकड़वाने पर 2.40 लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा।

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मुख्यमंत्री ने इसे नशे के सौदागरों और तस्करों पर कार्रवाई में सरकार की मदद करने के लिए लोगों को प्रेरित करने वाला एक महत्वपूर्ण कदम करार दिया है। डीजीपी दिनकर गुप्ता के मुताबिक, यह पॉलिसी सरकारी कर्मचारियों, मुखबिरों, सूत्रों को नशे की बड़ी मात्रा में बरामदगी और एनडीपीएस एक्ट-1985 और पीआईटी एनडीपीएस एक्ट-1988 को सफलतापूर्वक लागू करने में उनकी भूमिका को पहचान प्रदान करेगी।


रिवार्ड के स्तर का फैसला सफल जांच, मुकदमा चलाने, ग़ैरकानूनी तौर पर बनाई जायदाद को जब्त करने और अन्य नशा विरोधी महत्वपूर्ण कामों के संबंध में केस-दर-केस के आधार पर लिया जाएगा। यह फैसला डीजीपी की ओर से ऐसी पॉलिसी लाने के संबंध में दिए गए सुझाव के आधार पर लिया गया है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में 23 फरवरी को हुई नशों के ख़िलाफ़ जंग की समीक्षा मीटिंग के दौरान ये सुझाव सामने आए थे।

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सरकारी अफसरों-मुलाजिमों को अधिकतम 50 फीसदी इनाम 

गुप्ता ने स्पष्ट किया कि सरकारी अधिकारी /कर्मचारी आम तौर पर अधिक से अधिक 50 प्रतिशत रिवार्ड के लिए योग्य होंगे। गुप्ता ने खुलासा किया कि इस पॉलिसी के तहत योग्य व्यक्तियों की श्रेणी में मुखबिरों को शामिल किया जाएगा, जिनकी सूचना नशीले पदार्थों /साईकोट्रोपिक पदार्थों /नियंत्रित पदार्थों और एनडीपीएस एक्ट -1985 के चैप्टर 5-ए के अधीन ग़ैर-कानूनी तौर पर एक्वायर की गई जायदाद को जब्त करने का कारण बनती हो।

अन्य योग्य श्रेणी में राज्य और केंद्र सरकार के अधिकारी /कर्मचारी शामिल होंगे जैसे पुलिस, वकील, भारत सरकार की एन्फोर्समेंट एजेंसियों के अफ़सर, जिन्होंने नारकोटिक्स ड्रग्स /साईकोट्रोपिक पदार्थ /नियंत्रित पदार्थ या एनडीपीएस एक्ट-1985 के अधीन सफल जांच की हो या मुकदमे की पैरवी सफलतापूर्वक की हो या एनडीपीएस एक्ट-1985 के चैप्टर 5-ए के अंतर्गत ग़ैर-कानूनी तौर पर एक्वायर की गई जायदाद को जब्त करने में सफलता हासिल की हो या पीआईटी एनडीपीएस एक्ट-1988 के अधीन एहतियाती हिरासत या कोई अन्य सफलता हासिल की हो, जो एडीजीपी /एसटीएफ और डीजीपी पंजाब द्वारा नगद रिवार्ड के योग्य समझी जाए।

ऐसे होगी इनाम के दावों की पड़ताल
ईनाम  का दावा करने की विधि की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि हर जिला /यूनिट /विभाग उक्त दिशा-निर्देशों के अनुसार मामलों की पड़ताल के लिए संबंधित कमिश्नर ऑफ पुलिस /एसएसपी /यूनिट के प्रमुख /कार्यालय के प्रमुख के नेतृत्व में तीन सदस्यीय समिति का गठन करेगा, जो रिवार्ड देने के लिए एडीजीपी /एसटीएफ को सिफारिशें करेगा। इन सिफारिशों की पड़ताल एसटीएफ हेडक्वार्टर में अधिकारियों की समिति करेगी, जो आगे इनको एडीजीपी /एसटीएफ या डीजीपी पंजाब के पास (एडीजीपी एसटीएफ  द्वारा) रीवार्ड देने के लिए भेजेगी। एडीजीपी एसटीएफ एक लाख रुपये तक के इनाम की राशि मंजूर करने के लिए अधिकृत होंगे, जबकि एक लाख रुपये से अधिक की राशि डीजीपी द्वारा मंजूर की जाएगी।
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