श्री गुरु तेग बहादुर जी के 400वें प्रकाश पर्व के समारोहों के अंतर्गत पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अनेक विकास प्रोजेक्ट लोगों को समर्पित किए। इनमें बस्सी पठाना की पुरानी जेल का संरक्षण भी शामिल है। इस जेल में नौवें पातशाह को उनके साथियों सहित नूर मुहम्मद खान मिर्जा ने 40 दिन तक उस समय नजरबंद रखा था, जब वह बादशाह औरंगजेब से मिलने जा रहे थे।
मुख्यमंत्री ने यह भी एलान किया कि श्री गुरु तेग बहादुर अजायबघर आनंदपुर साहिब का दो करोड़ रुपये की लागत से नवीनीकरण होगा। इसको नया रूप देने के साथ-साथ आधुनिक प्रौद्योगिकी के साथ पहली मंजिल का नवीनीकरण होगा, जबकि निचली मंजिल पर तस्वीरों की प्रदर्शनी के असली स्वरूप को बरकरार रखा जाएगा। यह अजायबघर साल 1977 में तख्त केसगढ़ साहिब के नजदीक बनाया गया था। पंजाब में श्री गुरु तेग बहादुर जी से संबंधित यह एकमात्र अजायबघर है।
कैप्टन ने एलान किया कि विरासत-ए-खालसा श्री आनंदपुर साहिब के नजदीक 10 करोड़ रुपये की लागत से एक नेचर पार्क विकसित किया जाएगा। तकरीबन 62 एकड़ में बनने वाले इस पार्क में बड़े स्तर पर दुर्लभ किस्म के पौधे लगाए जाएंगे और इस पार्क के मौजूदा वर्ष के अंत तक शुरू होने की संभावना है। मुख्यमंत्री ने यह भी एलान किया कि भारत सरकार श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 400वें प्रकाश पर्व संबंधी जल्द ही एक यादगारी डाक टिकट जारी करेगी।