लॉकडाउन में वृद्धि के मद्देनजर कुछ जिलों में खाने वाले पैकेटों की कमी संबंधी चिंताओं के जवाब में कैप्टन ने खाद्य विभाग को मजदूरों और गैर स्मार्ट कार्डधारकों को बांटे जाने वाले राशन का कोटा बढ़ाने का आदेश दिया। उन्होंने कहा, ‘‘किसी को भी भूखा नहीं रहने दिया जाएगा।’’
बिहार, यूपी, झारखंड से काम में तलाश में आए हैं कामगार
कैप्टन ने पीएम को लिखा, 'ये कामगार कृषि और उद्योगों में काम करते हैं। हालांकि, इनमें बहुत से या तो अपना रोजगार गंवा चुके हैं या कोरोना के फैलाव के कारण राज्य में कर्फ्यू लगने के कारण रोजगार नहीं ढूंढ सकते।'
मुख्यमंत्री ने कहा कि भले ही उनकी सरकार यहां फंसे प्रवासी कामगारों, जिनकी राज्य के उद्योग और कृषि के लिए जरूरत है, को भोजन, आश्रय और अन्य बुनियादी सहूलियतें मुहैया करवाकर पूरी देखभाल कर रही है लेकिन इनमें बहुत से कामगार अपने गृह राज्यों को जाना चाहते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री समय की नजाकत को समझेंगे और उसके अनुसार रेल मंत्रालय को सलाह देंगे।