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हरियाणा कैबिनेट का फैसला, चालू वित्त वर्ष में सरकार नहीं खरीदेगी नई कारें और जीप

Thu, 30 Apr 2020 09:13 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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हरियाणा कैबिनेट बैठक।
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हरियाणा सरकार ने मंत्रिमंडल की बैठक में अनेक अहम निर्णय लिए हैं। कोरोना से उत्पन्न वित्तीय संकट के कारण चालू वित्त वर्ष के दौरान नई कारें व जीप खरीदने पर पूर्णतया रोक लगा दी गई है। सिर्फ सार्वजनिक परिवहन के लिए बसें, एंबुलेंस, अग्निशमन वाहन सहित आपातकालीन सेवाओं के इस्तेमाल के लिए ही वाहन खरीदे जाएंगे। 

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गुरुवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल बैठक में यह लिया गया। मंत्रिमंडल ने यह भी निर्णय लिया कि यदि नई कार या जीप की अत्यधिक आवश्यकता है तो वाहनों की खरीद के बजाए उन्हें आउटसोर्सिंग या किराए पर लिया जाएगा। सरकार ने कोरोना काल व उसके बाद आम जनता को पर्याप्त, सुविधाजनक और गुणवत्तापरक स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवाने के लिए फरीदाबाद जिले की बल्लभगढ़ तहसील के गांव छैंसा में स्थित गोल्ड फील्ड इंस्टीच्यूट ऑफ मेडिकल सांइसेज एंड रिसर्च को खरीद लिया है।

ई-नीलामी प्रक्रिया के खरीद की गई है। जनहित में सरकारी मेडिकल कॉलेज चलाने को मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी है। ढांचे का अधिग्रहण करने की संभावनाएं तलाशने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया था। सरकार ने 126.04 करोड़ रुपये के मूल्यांकन के आधार पर 126 से 128 करोड़ रुपये के बीच ई-नीलामी में हिस्सा लेने का निर्णय लिया। 
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चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग के निदेशक की अगुवाई वाली कमेटी को इसके लिए अधिकृत किया गया था। कमेटी ने 13 मार्च, 2020 को 128 करोड़ रुपये के मूल्यांकन आधार पर गोल्ड फील्ड इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सांइसेज एंड रिसर्च को खरीदा है। नगर निगम फरीदाबाद की 18 एकड़ भूमि तीन करोड़ रुपये प्रति एकड़ के वर्तमान कलेक्टर रेट और 120 रुपये प्रति वर्ग गज के विकास शुल्क के साथ जेसी बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (वाईएमसीए), फरीदाबाद को आवंटित करने पर भी मुहर लगी है। इससे नगर निगम, फरीदाबाद को लगभग 56 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे।

जल ही जीवन मिशन पर अब खास नजर रखेगी सरकार

केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना जल ही जीवन मिशन को हरियाणा सरकार खांसी गंभीरता से ले रही है। इस मिशन से जुड़ी हर गतिविधि पर सरकार की अब खास नजर रहेगी। इसके लिए हरियाणा सरकार डैशबोर्ड शुरू करने जा रही है। जिसके माध्यम से इस मिशन के अंतर्गत हर एक्टिविटी पर सरकार की सीधी नजर रहेगी। सीएम मनोहर लाल ने राज्य के आम जनमानस के लिए ‘‘जल जीवन मिशन’’ के डैशबोर्ड’ की शुरूआत की है। डैशबोर्ड जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। इस डैशबोर्ड का उपयोग जल जीवन मिशन की समीक्षा और निगरानी के लिए मुख्यमंत्री, मंत्रियों, विधायकों और निर्वाचित प्रतिनिधियों द्वारा भी किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने इस डैशबोर्ड को कल देर सायं यहां लांच किया और बताया कि ‘जल जीवन मिशन’ के तहत प्रगति की निगरानी के लिए विभिन्न ऑनलाइन डैशबोर्ड विभाग के अधिकारियों, उपायुक्तों और आम जनता के लिए विकसित किये गए हैं। उन्होंने बताया कि यह डैशबोर्ड बहुत उपयोगी होगा क्योंकि वर्ष-2024 के राष्ट्रीय लक्ष्य से बहुत पहले ही हरियाणा ने वर्ष-2022 तक ‘‘जल जीवन मिशन’’ के उद्देश्यों को प्राप्त करने का लक्ष्य रखा है। इस डैशबोर्ड पर प्रमुख प्रदर्शन संकेतक (केपीआई) का प्रदर्शन दिखाई देगा जिनमें पूरे हो गए कुल घरों के सर्वेक्षण का ब्यौरा और जिनमें कार्यात्मक घरेलू नल कनेक्शन (एफएचटीसी) अब तक प्रदान किया गया है, का ब्यौरा होगा।

इसी प्रकार, वर्ष 2020-21 में उपलब्ध कराए जाने वाले एफएचटीसी लक्ष्य तथा जिलेवार, ब्लॉक-वार, निर्वाचन क्षेत्र-वार, ग्राम पंचायत और घरों की निवास स्थिति, अब तक प्रदान की गई एफएचटीसी की जानकारी के साथ-साथ लंबित एफएचटीसी इत्यादि संकेतक व बिंदू शामिल है। एफएचटीसी की प्रतिशत कवरेज या पेंडेंसी के आधार पर जिला-वार, निर्वाचन क्षेत्र-वार, ग्राम पंचायत और आवास-वार रैंकिंग शामिल है। लंबित एफएचटीसी की वर्तमान स्थिति, जल जीवन मिशन के तहत काम की स्थिति,श्रेणी और लक्ष्य पूरा होने की तिथि के साथ निवास की विस्तार रिपोर्ट, मौजूदा पेयजल स्रोतों की सूची, ग्राम जल और सीवरेज समिति के सदस्य की सूची आदि शामिल है।
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मुख्यमंत्री परिवार समृद्धि योजना को मिलेगी रफ्तार

हरियाणा सरकार ने वित्त एवं योजना विभाग के स्वर्ण जयंती हरियाणा इंस्टीट्यूट फॉर फिस्कल मैनेजमेंट को मुख्यमंत्री परिवार समृद्धि योजना के कार्यान्वयन के लिए नोडल एजेंसी बनाने की स्वीकृति प्रदान की है। मंत्रिमंडल ने स्वर्ण जयंती हरियाणा इंस्टीट्यूट फॉर फिस्कल मैनेजमेंट को मुख्यमंत्री परिवार समृद्धि योजना के कार्यान्वयन के लिए नोडल एजेंसी घोषित करने और निवारण प्रणाली को स्वीकृति देने के साथ-साथ इस योजना की मानक संचालन प्रक्रिया को घटनोत्तर स्वीकृति देने, स्व घोषणा के आधार पर परिवार की पात्रता का निर्धारण करने और नोडल एजेंसियों को आवश्यकतानुसार सभी आवश्यक कदम उठाने के लिए प्राधिकृत किया।

योजना के तहत शिकायत, यदि कोई हो, के निवारण के लिए महानिदेशक, खजाना एवं लेखा विभाग या सरकार द्वारा इस संबंध में नामित कोई अन्य अधिकारी नोडल एजेंसी होगा। वित्त विभाग के प्रशासनिक सचिव या सरकार द्वारा इस संबंध में नामित अन्य अधिकारी अपीलीय प्राधिकारी होगा। मुख्यमंत्री परिवार समृद्धि योजना के तहत ऐसे परिवार आते हैं, जिनके पास पाँच एकड़ (यानी 2 हेक्टेयर) या इससे कम भूमि है और सभी स्रोतों से पारिवारिक आय 1.80 लाख रुपये प्रति वर्ष या इससे कम है और जिनके पास परिवार पहचान पत्र है। योजना के तहत प्रत्येक लाभार्थी परिवार को 6000 रुपये प्रतिवर्ष प्रदान किये जाएंगे।
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