श्रद्धालू लंबे समय से यहां फंसे हुए हैं और इन्हें अपने घरों और परिवारों के पास सुरक्षित ले जाना हमारा फर्ज है।’’ केंद्रीय गृह मंत्री और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को लिखे अलग-अलग पत्रों में कैप्टन ने कहा कि पंजाब से यह श्रद्धालु महाराष्ट्र में नांदेड़ में स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री हजूर साहिब जी के दर्शन के लिए गए थे।
कैप्टन ने लिखा कि कोविड -19 के कारण पिछले कुछ दिनों से रेल सेवा रद्द होने और मंगलवार आधी रात से राष्ट्रीय तालाबंदी होने के कारण भारत सरकार की विशेष मंजूरी के बिना इनके पंजाब आने की कोई संभावना नहीं है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार केंद्रीय रेलवे मंत्रालय के पास पहले ही यह मसला उठाकर इन श्रद्धालुओं को वापस लाने के लिए विशेष रेल चलाने की मांग कर चुकी है।
उन्होंने आगे लिखा कि पंजाब सरकार के अधिकारी नांदेड़ के जिला प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में हैं ताकि श्रद्धालुओं के रहन-सहन के उचित प्रबंध किये जा सकें। कैप्टन ने ठाकरे से यह अपील भी की कि भारत सरकार की तरफ से अंतिम फैसला लिए जाने तक श्रद्धालुओं के लिए जरूरी बंदोबस्त करने के लिए नांदेड़ के जिला प्रशासन को जरूरी हिदायतें जारी की जाएं।