पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने गुरुवार को इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि वह ईवीएम का विरोध करने वाले व्यक्तियों में से एक थे, क्योंकि इनमें छेड़छाड़ हो सकती है। उन्होंने कहा कि जापान, स्वीडन और यूनाइटेड किंगडम (यूके) जैसे विकसित देश भी इसका इस्तेमाल चुनाव में नहीं करते हैं। दरअसल, प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कैप्टन से ईवीएम बनाम बैलेट पेपर पर सवाल पूछा गया था। जिसके जवाब में कैप्टन ने यह बात कही।
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने 2022 पंजाब विधानसभा में कांग्रेस का नेतृत्व करने और मुख्यमंत्री का चेहरा होने पर भी बड़ी बात कही है। उन्होंने कहा कि यह फैसला कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष को करना है। प्रशांत किशोरी की नियुक्ति पर कैप्टन ने कहा कि लोकतंत्र में हर नेता और पार्टी के पास रणनीतिकारों की टीम होती है।
चार साल में माफियाओं की कमर तोड़ी : कैप्टन
मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न माफिया (रेत, शराब, ट्रांसपोर्ट, नशा) को खत्म करने की प्रक्रिया निरंतर जारी है और पिछले चार वर्षों के दौरान इनकी कमर बुरी तरह तोड़ दी गई है। लेकिन उन्होंने कहा कि यह धीमी प्रक्रिया है और यह एक दिन में नहीं हो सकता। अकाली-भाजपा शासन के दौरान रेत से होने वाली 35 करोड़ रुपये की आय मौजूदा समय में बढ़कर 350 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि प्रगति स्पष्ट तौर पर दिखाई दे रही है। इसी तरह अकाली सरकार में 4300 करोड़ रुपये आबकारी राजस्व था। यह मौजूदा वित्त वर्ष में 7200 करोड़ रुपये हो गया है। कैप्टन ने कहा कि यह सब कोविड से उत्पन्न समस्या के बावजूद संभव हुआ है।
अंसारी ने पंजाब में जुर्म किया है, उसे कीमत चुकानी होगी
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि मामला अदालत में है। फिर भी उन्होंने कहा कि अगर अंसारी ने पंजाब में जुर्म किया है तो उसे इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। वह अपनी सजा पूरी भुगत ले, उसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार जहां ले जाना चाहे ले जाए।