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पहले पीएम को लिखा पत्र, फिर खुद केंद्रीय मंत्रियों से मिलने पहुंचे कैप्टन, नहीं सुन रहा केंद्र

Sat, 29 Jun 2019 04:29 AM IST
ajay kumar हर्ष कुमार सलारिया, अमर उजाला, चंडीगढ़
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दिल्ली के दौरे पर कैप्टन अमरिंदर सिंह - फोटो : अमर उजाला
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केंद्र में मोदी सरकार का दूसरा टर्म शुरू होने के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह केंद्रीय मंत्रियों से मिलने पहुंचे हैं। इस दौरान उन्होंने पंजाब से संबंधित जिन मांगों का केंद्रीय मंत्रियों से जिक्र किया है, यह सब वही मांगें हैं जिनके बारे में वे बीते ढाई साल से प्रधानमंत्री के नाम पत्र लिखकर पूरा करने की अपील करते रहे हैं।

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खास बात यह है कि मोदी सरकार की पिछली टर्म के दौरान भी कैप्टन सरकार को कोरे आश्वासन मिलते रहे और अब नई सरकार के मंत्रियों ने भी उन्हें फिलहाल आश्वासन ही दिया है।

कैप्टन ने गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, केंद्रीय उपभोक्ता मामले के मंत्री राम विलास पासवान और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इन सभी मंत्रियों से मुलाकात के दौरान कैप्टन ने जो भी मांगें रखीं, उन सभी के लिए वे बीते साल और इस साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिख चुके हैं। 

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नितिन गडकरी के सामने उन्होंने पंजाब के प्रस्तावित हाईवे, लिंक सड़कों के साथ ही कई सड़कों को चौड़ा करने के लिए केंद्रीय मदद मांगी। इन सब प्रस्तावों के बारे में कैप्टन ने 2017 में अपनी सरकार बनने के छह माह बाद ही केंद्र को पत्र लिख दिया था। खास बात यह है कि उस समय भी केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ही थे। 

तब भी कैप्टन से मुलाकात के दौरान गडकरी ने केंद्र के सहयोग का भरोसा दिलाया था और गुरुवार को भी गडकरी ने वही बात दोहराई है। वैसे जून 2017 में नाबार्ड ने पंजाब में 500 किमी की 71 सड़कों और 6 पुलों के निर्माण के लिए 266 करोड़ के प्रोजेक्ट को मंजूरी देते हुए 213 करोड़ रुपये जारी किए थे। 

केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान के साथ 31000 करोड़ के सीसीएल के मामले पर भी कैप्टन की यह दूसरी बैठक रही। पिछली सरकार के समय भी पासवान ने भरोसा दिया था। हालांकि इस बार वे इस मामले में कैप्टन के साथ वित्त मंत्री के सामने बैठकर मसला हल कराने पर सहमत हुए हैं।

करतारपुर कॉरिडोर के लिए 500 करोड़ पर केंद्र चुप
मई माह के दौरान कैप्टन ने प्रधानमंत्री के नाम लिखे पत्र में मांग उठाई थी कि केंद्र नशे के समस्या से निपटने के लिए नेशनल ड्रग पॉलिसी बनाए। इस बारे में प्रधानमंत्री की ओर से तो पंजाब सरकार को कोई जवाब नहीं मिला लेकिन गुरुवार को अमित शाह ने कैप्टन को भरोसा दिलाया है कि केंद्र इस पर विचार कर रहा है।

इसी तरह, करतारपुर कॉरिडोर को लेकर पंजाब सरकार द्वारा केंद्र से मांगी गई 500 करोड़ रुपये की मदद पर केंद्र चुप है। वैसे शुक्रवार को आवास और शहरी मामलों के केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने सुलतानपुर लोधी के ढांचागत विकास के लिए 312 करोड़ के प्रोजेक्ट पर हामी भर दी है।
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