सीएम मनोहर लाल से मुलाकात करते पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह
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एसवाईएल मुद्दे के हल के लिए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शुक्रवार को हरियाणा के सीएम मनोहर लाल की ओर हाथ बढ़ाया। उन्होंने मनोहर लाल से इस मामले में जल्द टीम गठित करने का अनुरोध किया ताकि बातचीत की प्रक्रिया शुरू हो सके। कैप्टन ने कहा कि मामले का हल वर्तमान परिस्थितियों को मद्देनजर रखते हुए ही किया जाना चाहिए। वहीं मनोहर लाल ने कहा कि वे जल्द ही टीम का गठन करेंगे। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लागू कराने के लिए कैप्टन से सहयोग मांगा।
कैप्टन ने शुक्रवार को हरियाणा सचिवालय में मनोहर लाल से मुलाकात की। दोनों सीएम के बीच सौहार्दपूर्ण माहौल में लगभग आधे घंटे तक बैठक चली। दोनों ने नशे के खिलाफ जंग लड़ने के लिए फिर से प्रतिबद्धता जताई। कैप्टन ने इसके लिए उत्तरी राज्यों के मुख्यमंत्रियों की अगली बैठक की मेजबानी करने की पेशकश की। उन्होंने कैप्टन के न्योते पर तुरंत सहमति जता दी। मनोहर लाल पंजाब की ओर से 25 जुलाई को चंडीगढ़ में आयोजित होने वाली बैठक में शामिल होंगे। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड और दिल्ली के मुख्यमंत्री और जम्मू और कश्मीर व दिल्ली के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक की ओर से भी नशे संबंधी दूसरी अंतरराज्यीय बैठक में हिस्सा लेने की संभावना है। इस बैठक में लंबे समय से चली आ रही नशे की समस्या से निपटने के लिए प्रभावी तंत्र विकसित करने पर चर्चा होगी।
1000 योग केंद्र और व्यायामशालाएं स्थापित कीं : मनोहर लाल
मनोहर लाल ने कैप्टन अमरिंदर सिंह को बताया कि युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा में लगाने के लिए 1000 योग केंद्र और व्यायामशालाएं स्थापित की गई हैं। जिला मुख्यालयों पर नियमित तौर पर ‘राहगिरी’ कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। उनकी पहल पर अगस्त, 2018 में ‘नशे का प्रकोप, चुनौतियां एवं रणनीतियां’ विषय पर छह राज्यों के मुख्यमंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों का क्षेत्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया था। इसमें नशे के खात्मे के लिए अनेक निर्णय लिए जा चुके हैं। बता दें कि इस संबंध में पहली बैठक पिछले साल अप्रैल में हुई थी। इसमें उत्तरी राज्यों ने पंचकूला में केंद्रीय सचिवालय स्थापित करने के अलावा खुफिया जानकारी के आदान-प्रदान के लिए हर राज्य की ओर से नोडल अफसर तैनात करने का फैसला किया था।
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि उनकी सरकार नशे के मुकम्मल खात्मे के लिए दृढ़ है जो सरहद पार से पंजाब में तस्करी किए जा रहे हैं। यह न केवल पाकिस्तान बल्कि देश के अंदरूनी हिस्सों खासकर कश्मीर से भी तस्करी किए जा रहे हैं। उनकी सरकार नशे के विरुद्ध ढील सहन नहीं करेगी। सभी उत्तर भारत के राज्य एक मंच पर आकर नशे के खिलाफ लड़ाई लड़ेंगे।
वहीं हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि, नशे की समस्या हरियाणा में उतनी चिंताजनक नहीं है, जितनी कि पंजाब में है। फिर भी हरियाणा सरकार ने रोकथाम और युवाओं को इसके दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करने के लिए कई कदम उठाए हैं। सभी राज्य मिलकर नशा के खिलाफ लड़ाई लड़ेंगे।