मुख्यमंत्री ने कहा कि इस स्थिति के लिए जिम्मेदार लोगों को अपने आप पर शर्मिंदा होना चाहिए। उन्होंने अकाली दल पर बरसते हुए कहा कि उन्होंने संसद में तो इस बिल की हिमायत कर दी और फिर अपने राजसी एजेंडे को बढ़ावा देने के लिए अलग-अलग विचार प्रकट करने लगे। उन्होंने अकालियों से कहा, 'आपको शर्म आनी चाहिए और आप एक दिन पछताओगे।'
हिटलर की पुस्तक मीन काम्फ का पंजाबी में अनुवाद करवाकर विपक्ष को देंगे कैप्टन
सदन में सीएए पर लाए गए प्रस्ताव पर अपने विचार रखते हुए मुख्यमंत्री ने इसे एक दुखांत करार दिया और कहा कि यह उनकी बदकिस्मती है कि अपने जीवन में ऐसा दिन देखना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री ने दुख जाहिर करते हुए कहा, 'साल 1930 में जो कुछ हिटलर के नेतृत्व में जर्मनी में घटा था, वही कुछ अब भारत में घट रहा है।'
कैप्टन ने कहा कि उस समय भी जर्मनी के लोगों ने आवाज नहीं उठाई थी और बाद में उन्हें पछतावा हुआ था। लेकिन हमें अब आवाज बुलंद करनी चाहिए, ताकि बाद में पछताना न हो। उन्होंने विपक्ष खासकर अकालियों को अडोल्फ हिटलर की मीन काम्फ को पढ़ने की अपील की ताकि सीएए के खतरों को समझा जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह इस किताब का अनुवाद करवाकर बांटेंगे ताकि वह सभी हिटलर द्वारा की गईं ऐतिहासिक गलतियों के बारे में जान सकें।