मुख्यमंत्री मान ने कहा कि पिछली सरकारों के समय पर प्राइवेट कंपनियों को लाभ देने के लिए ऐसे समझौतों के जरिये लोगों के पैसे की अंधाधुंध लूट होती थी। 2007 से 2017 तक बिजली खरीद के लिए कोई भी समझौता 7 रुपये प्रति यूनिट से कम नहीं किया गया जबकि अब बहुत कम कीमत पर बिजली खरीद के लिए समझौता किया गया है। बिजली खरीद समझौते की दरों में अगले 25 साल तक कोई विस्तार नहीं होगा और पीएसपीसीएल द्वारा कोई ट्रांसमिशन चार्ज और ट्रांसमिशन लॉसेज का भुगतान नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने कंपनियों के साथ किए गए समझौते सार्वजनिक किए हैं जबकि इससे पहली सरकारें पर्दे के पीछे समझौते करती थीं। मौजूदा युग सौर ऊर्जा का है, जिस कारण हमने यह समझौता किया है। आज सौर ऊर्जा की खरीद का यह समझौता देश में सबसे बड़ा समझौता है। राज्य सरकार गोइंदवाल बिजली प्लांट खरीदने के लिए भी आगे बढ़ रही है और राज्य में अन्य प्राइवेट थर्मल प्लांटों के साथ समझौतों में जरूरी संशोधनों के प्रयास किए जा रहे हैं।
बिजली की बैंकिंग करेगा पंजाबः मान
मुख्यमंत्री मान ने कहा कि बिजली की बैंकिंग के लिए नीति लागू करने वाला पंजाब पहला राज्य बनेगा। यह ऐतिहासिक कदम होगा, जिसका उद्देश्य पंजाब को बिजली सरप्लस वाला राज्य बनाना है। लोगों को सस्ती, नियमित और निर्विघ्न बिजली सप्लाई मुहैया करने की दिशा में यह बड़ा कदम है।
हर रोज 83 लाख यूनिट बिजली का होगा उत्पादन
मान ने बताया कि यह सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट 18 महीनों के भीतर कार्यशील होंगे। प्रतिदिन 83 लाख यूनिट का बिजली का अनुमानित उत्पादन होगा। इससे दिन में कृषि ट्यूबवेलों को बिजली सप्लाई करने में मदद मिलेगी क्योंकि दिन के समय पर सौर ऊर्जा मौजूद होती है। सौर ऊर्जा को और बढ़ावा देने और कृषि ट्यूबवेलों को दिन के समय पर अधिक से अधिक बिजली सप्लाई करने के लिए पीएसपीसीएल ने पंजाब और देश के अन्य हिस्सों में स्थित प्रोजेक्टों से 2500 मेगावाट सौर ऊर्जा खरीदने के लिए नए टेंडर जारी किए हैं।
किसानों को भविष्य में भी मिलती रहेगी मुफ्त बिजलीः मान
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि किसानों को भविष्य में मुफ्त बिजली की सुविधा जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि अन्नदाताओं से मुफ्त बिजली के बदले कोई कीमत लागू करने का सवाल ही पैदा नहीं होता। किसानों के लिए राज्य के पास अतिरिक्त बिजली है और किसानों को सब्सिडी देने के लिए फंडों की कोई कमी नहीं है।
जल संबंधी तीनों विभागों का विलय होगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की तरफ से नहरी पानी का अधिकतम प्रयोग यकीनी बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इससे राज्य में भूजल बचाने में मदद मिलेगी और नहरी पानी के प्रयोग को यकीनी बनाया जाएगा। राज्य सरकार इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए जल्द ही सिंचाई, जल स्रोत और संबंधित विभागों का विलय करेगी। इससे उद्योगों को भी लाभ होगा और जल संसाधनों संबंधी विभिन्न एनओसी लेने व अन्य कार्यों के लिए अलग-अलग विभागों में नहीं घूमना पड़ेगा।