1300 करोड़ का हर माह पड़ेगा भार
सरकार के द्वारा 73.39 लाख उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली दी जानी है। सभी को मुफ्त बिजली देने की लागत करीब 1,300 करोड़ रुपये प्रति माह आंकी गई है। पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड पहले से ही वित्तीय दबाव झेल रहा है। इस बीच, पंजाब की बिजली की स्थिति भी गंभीर बन रही है। इसके पीछे की वजह यह है कि राज्य की चार थर्मल इकाइयां बंद चल रही हैं, जिससे 1,410 मेगावाट का नुकसान हो रहा। कोयले की कमी के कारण जीवीके थर्मल प्लांट की दो इकाइयां बंद हैं। इसके बाद मंगलवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ ढाई घंटे बैठक कर योजना को मूर्तरूप देने का फार्मूला तय किया।
हम सब मिलकर दिल्ली, पंजाब और पूरा देश बदलेंगे। लोग बहुत परेशान और दुखी हैं। हमें लोगों के लिए दिन रात काम करना है। अरविंद केजरीवाल, मुख्यमंत्री, दिल्ली
हमारे लीडर और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के साथ बहुत अच्छी मीटिंग हुई। बहुत जल्द पंजाब के लोगों को एक अच्छी खबर दूंगा। भगवंत मान, मुख्यमंत्री, पंजाब
विपक्ष ने साधा निशाना
दिल्ली में मुख्यमंत्री भगवंत मान की गैर मौजूदगी में पंजाब के अधिकारियों के साथ अरविंद केजरीवाल की बैठक पर विपक्ष हमलावर हो गया है। मुख्यमंत्री मान और आप संयोजक केजरीवाल सूबे के विपक्षी नेताओं के निशाने पर आ गए हैं। कांग्रेस, भाजपा, पीएलसी और शिअद सहित अन्य दलों के नेताओं ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को रबर का स्टांप बताया है। नेताओं का कहना है कि बदलाव शुरू हो गया है।
बिजली के मुद्दे को लेकर दिल्ली में पंजाब के अधिकारियों की आधिकारिक बैठक हुई। इसमें न तो मुख्यमंत्री भगवंत मान मौजूद रहे और न ही सूबे के ऊर्जा मंत्री। क्या पंजाब की सरकार कठपुतली है, यह दिल्ली से चल रही है। अमरिंदर राजा वड़िंग, अध्यक्ष, पंजाब कांग्रेस
चलने दो आंधियां हकीकत की, न जाने कौन से झोंके से बहरूपियों के मुखौटे उड़ जाएं। दिल्ली में पंजाब के अधिकारियों की बैठक संघीय ढांचे का उल्लंघन है। मुख्यमंत्री मान और आप के संयोजक को इस मामले में स्पष्टीकरण देना चाहिए। नवजोत सिंह सिद्धू, पूर्व अध्यक्ष, पंजाब कांग्रेस
जिस बुरी बात का डर था वही हुआ। केजरीवाल ने संभावनाओं से पहले ही पंजाब पर कब्जा कर लिया। यह पहले से ही कहा जा रहा है कि मान एक रबर स्टैंप हैं। दिल्ली में हुई बैठक ने इसे सही साबित कर दिया। कैप्टन अमरिंदर सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री, पंजाब
पंजाब को दिल्ली में आप पार्टी की सरकार द्वारा रिमोट से न चलाया जाए। हाल का दिल्ली में हुआ घटनाक्रम सूबे के लिए बेहद खतरनाक है। लोगों के मन की आशंका अब सच साबित होने लगी है। डॉ. दलजीत सिंह चीमा, प्रवक्ता, शिअद