मान ने कहा कि वास्तव में हमारे नौजवान पंजाब की पवित्र धरती से बहुत मोह करते हैं लेकिन पिछले समय में बुरी व्यवस्था से तंग आकर विदेश जाने के लिए मजूबर थे। उन्होंने कहा कि अब नौजवानों को अपनी मनपसंद की नौकरी करने के मौके प्रदान किए जा रहे हैं जिससे उनका भविष्य सुरक्षित बनाया जा सके।
पंजाब के खजाने को खाली कह कर लोगों के आंखों में धूल झोंकने वाले नेताओं पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वास्तव में खजाना कभी खाली नहीं होता बल्कि नेताओं की नीयत खोटी होती है। यह नेता लोगों का पैसा अपने चाचे- भतीजे, साले-जीजे को दोनों हाथों से लुटाते थे। मुख्यमंत्री पद को लोकसेवा का पद बताते हुए मान ने कहा कि यह कुर्सी आरामपरस्ती के लिए नहीं होती बल्कि 24 घंटे जनसेवा को समर्पित होती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह पंजाब की जमीनी हकीकतों से अच्छी तरह अवगत हैं, जिस कारण वह पंजाब के हित में तुरंत फैसला लेते हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को भी नसीहत दी कि जमीनी स्थिति को समझे बिना चंडीगढ़ से बैठकर फैसले न करें।