चंडीगढ़-मोहाली उच्च शिक्षा के हब के रूप में विकसित हो रहे हैं। हम भाग्यशाली हैं कि विभिन्न देश यहां शिक्षा पर इनवेस्ट करने के लिए आगे आए हैं। यह ज्ञान साझा करने का समय है। हमारे छात्र शिक्षा के लिए आपके पास विदेश जाते हैं, आपके छात्र यहां आते हैं, इससे शिक्षा का स्तर भी वैश्विक होगा। शिक्षा में सुधार के लिए हमने अभी तक प्रधानाध्यापकों के दो बैच सिंगापुर भेजे हैं। यह प्रक्रिया हर महीने चलती रहती है।
11वीं में व्यापार और वित्त के कोर्स शामिल होंगे: बैंस
पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि सिर्फ किताबें पढ़ना ही सब कुछ नहीं है। रिसर्च पर ध्यान देना जरूरी है। यह बहुत खुशी की बात है कि जीएनडीयू देश के दूसरे सबसे बड़े विश्वविद्यालयों में से एक बन गया है। उन्होंने छात्रों और फैकल्टी सदस्यों से बातचीत की और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने व इसके पाठ्यक्रम को अंतरराष्ट्रीय स्तर के मापदंडों के अनुसार तैयार करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि शिक्षा किसी भी देश के विकास का एक महत्वपूर्ण हथियार है। किसी भी देश के विकास में वहां के शिक्षित युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। युवा हमारी संपत्ति हैं। इन्हें आधुनिक अंतरराष्ट्रीय मापदंडों के अनुसार शिक्षित करना हमारी जिम्मेदारी है। सरकार 11वीं कक्षा से छात्रों के स्किल को विकसित करने की योजना लागू कर रही है। इसमें व्यापार और वित्त के नए कोर्स होंगे। विद्यार्थियों को ग्रुप बनाकर अलग-अलग स्किल में ट्रेंड किया जाएगा और उनको वजीफा भी दिया जाएगा।
पहले दिन खालसा कॉलेज में कार्यक्रम को चार चरणों में बांटा गया। इस कार्यक्रम का मुख्य विषय अनुसंधान और नवाचार था। अनुसंधान और नवाचार पर सत्र को चार अलग-अलग चरणों में विभाजित किया गया है। पहले चरण में कृषि और खाद्य सुरक्षा, दूसरे सत्र में वैश्विक रोजगार के अवसर, तीसरे सत्र में नेनो टेक्नोलॉजी अनुसंधान और चौथे सत्र में रियल इस्टेट बाजार पर चर्चा की गई और पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए सुझाव दिए गए।