पंजाब के 10 लाख लोगों से ठगी, 2297 संपत्तियों की पहचान
चिटफंड कंपनी के रूप में पर्ल्स ग्रुप ने लोगों को निवेश के बदले जमीन देने का सब्जबाग दिखाकर देशभर में करीब 5.50 करोड़ लोगों से ठगी की। इनमें पंजाब के करीब 10 लाख लोग भी ठगी का शिकार हुए और पर्ल्स ग्रुप निवेशकों को जमीन अलॉटमेंट के फर्जी कागजात थमाकर करीब 60 हजार करोड़ रुपये हड़प कर फरार हो गई थी। इस साल जनवरी में पर्ल्स ग्रुप के मालिक निर्मल सिंह भंगू को गिरफ्तार कर लिया गया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सरकार बनते ही पर्ल्स ग्रुप के मामले में जांच का आदेश दिया था और राज्य में पर्ल्स ग्रुप की चल-अचल संपत्तियां जब्त करने को कहा था ताकि पीड़ितों को उनके पैसे की भरपाई की जा सके।
पिछले महीने भी मुख्यमंत्री मान ने इस मामले की जांच विजिलेंस को सौंपते हुए ग्रुप की सभी संपत्तियों को कानूनी अड़चन दूर करके कब्जे में लेने को कहा था। इससे पहले मुख्यमंत्री ने इस साल 22 फरवरी को भी एक वर्चुअल बैठक करके सभी डिप्टी कमिशनरों को अपने-अपने जिलों में पर्ल्स ग्रुप की सभी जायदादों की पहचान करने को कहा था, उस समय भी मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी कि प्रभावित लोगों को उनका एक-एक पैसा वापस दिलाया जाएगा। गौरतलब है कि भगवंत मान जब सांसद थे, तब उन्होंने पर्ल्स ग्रुप की धोखाधड़ी का मामला लोकसभा में भी उठाया था।
पर्ल्स ग्रुप की सूबे में 2297 संपत्तियों की शिनाख्त की जा चुकी है। इन्हें विजिलेंस ने सभी जिला उपायुक्तों को कानूनी प्रक्रिया पूरी कर कब्जे में लेने को कहा है। इससे पहले पंजाब सरकार द्वारा इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की ओर से नियुक्त लोढा कमेटी को सहयोग करने की बात सामने आई थी। इसके तहत पर्ल्स ग्रुप की प्रॉपर्टी बेचकर निवेशकों को उनका पैसा लौटाए जाने की बात कही। गौरतलब है कि लोढ़ा कमेटी के पास करीब डेढ़ लाख निवेशक पहुंचे और इसके बाद कमेटी द्वारा पंजाब सरकार को पर्ल्स ग्रुप की प्रॉपर्टी नीलाम करने को कहा गया था।