स्वास्थ्य सचिव हुसन लाल ने बताया कि 188 में से 40 मामले कोविड से जुड़े हुए नहीं हैं जबकि 148 व्यक्ति कोविड पीड़ित हैं और 133 व्यक्तियों को स्टेरॉयड दी गई। इसके अलावा 122 व्यक्ति ब्लैक फंगस की शुरुआत से पहले ऑक्सीजन पर थे। कुल 154 व्यक्तियों को डायबिटीज थी जबकि 56 व्यक्तियों की रोगों से लड़ने की क्षमता कम थी और 47 व्यक्ति सह-बीमारियों वाले थे।
इस समय 156 व्यक्ति उपचाराधीन हैं जबकि नौ व्यक्ति ठीक हो चुके हैं और 23 की मौत हो चुकी है। राज्य के सरकारी अस्पतालों में ब्लैक फंगस के मामलों की जानकारी देते हुए मेडिकल शिक्षा सचिव डीके तिवारी ने खुलासा किया कि सबसे अधिक 16 मामले जीएमसी पटियाला में सामने आए हैं जबकि जीएमसी अमृतसर में 10, फरीदकोट में 8 और मोहाली में 2 मामले सामने आए हैं।
विदेशी विशेषज्ञों की ली जा रही मदद : डॉ. तलवार
राज्य सरकार के कोविड विशेषज्ञ समूह के प्रमुख डॉ. केके तलवार ने कहा कि इस समस्या से निपटने के लिए विदेशी विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है। प्रोटोकॉल निर्धारित करने के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों के साथ दो सत्र हो चुके हैं और मरीजों पर निगरानी रखी जा रही है। इसके अलावा उनको मदद भी मुहैया करवाई जा रही है।