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पंजाब: 10 हजार से अधिक अध्यापकों का ऑनलाइन तबादला, कैप्टन ने मनचाहे स्टेशनों पर दी नियुक्ति

Wed, 24 Mar 2021 07:50 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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कैप्टन अमरिंदर सिंह ने ऑनलाइन अध्यापकों का किया तबादला।
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पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बुधवार को अध्यापक तबादला नीति-2019 के तहत शिक्षा विभाग के ऑनलाइन पोर्टल के जरिए स्कूल अध्यापकों के आम तबादलों को हरी झंडी दे दी। बटन दबाते ही मुख्यमंत्री ने 10,099 अध्यापकों और वॉलंटियरों का मेरिट के आधार पर उनकी पसंद के अनुसार स्टेशनों पर तबादला कर दिया गया। इस मौके पर शिक्षा मंत्री विजय इंदर सिंगला भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि जल्द ही अध्यापक तबादला एक्ट लाया जाएगा।

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 35,386 अध्यापकों और वॉलंटियरों ने ऑनलाइन तबादले का आवेदन किया था। हालांकि इनमें से 15,481 अयोग्य मिल, क्योंकि वे नीति के अंतर्गत निर्धारित मापदंडों को पूरा नहीं करते थे। वहीं 19905 आवेदन पत्र योग्य मिले। पहली बार कंप्यूटर अध्यापक और अलग-अलग वर्गों के शिक्षा वॉलंटियर भी अध्यापक तबादला नीति के दायरे के अधीन लाए गए। 

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि नवीनतम अध्यापक तबादला नीति खाली पद भरकर मानक शिक्षा देने के लक्ष्य को हासिल करने में सहायक सिद्ध होगी। इससे बिना किसी रुकावट अकादमिक सेशन जारी रखने में मदद मिलेगी। अध्यापकों को केवल मेरिट पर उनके पसंदीदा स्टेशन पर नौकरी करने की तसल्ली भी मिलेगी। 
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50 फीसदी तबादला आवेदन हुए मंजूर
ऑनलाइन प्रणाली के तहत अब तक 50 प्रतिशत से अधिक आवेदनों को मंजूरी दे दी गई है। ‘समग्र शिक्षा अभियान’ के अंतर्गत काम कर रहे एजुकेशन वॉलंटियरों और एजुकेशन प्रोवाइडरों के अलग-अलग वर्गों के अलावा 4405 मास्टर, 3748 प्राइमरी अध्यापकों और 718 लेक्चररों समेत 10,099 अध्यापकों के साथ-साथ पंजाब आईसीटी एजुकेशन सोसायटी (पिकटस) के अंतर्गत काम कर रहे कंप्यूटर अध्यापक इस नीति का लाभ हासिल कर चुके हैं।

बीमार, दिव्यांग, तलाकशुदा, विधवाओं को तबादलों में तरजीह 
सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि तबादलों के इच्छुक अध्यापकों को विभाग के पोर्टल पर आवेदन करने की जरूरत है। जो मुलाजिम कैंसर, हेपेटाइटिस-बी, हेपेटाइटिस-सी, अनीमिया, थैलेसीमिया या डायलिसिस से पीड़ित, 60 प्रतिशत तक दिव्यांग, तलाकशुदा हैं और जिनके विशेष बच्चे हैं को ऑनलाइन तबादलों में तरजीह दी जा रही है। इसी तरह जंगी विधवाएं, शहीदों की विधवाएं, जहां जीवन साथी की मौत होने पर सेवा निभा रहे मुलाजिम के लिए किसी अन्य जगह पर तुरंत जाना जरूरी हो जाए और 15 साल से कम उम्र के बच्चों या ऐसे अध्यापकों जिनके जीवन साथी फौज में कठिनाइयों वाले स्थानों पर सेवा निभा रहे हैं, को अपने तबादला आवेदन ऑनलाइन जमा करवाने की जरूरत नहीं होगी।

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