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वित्त आयोगः कैप्टन ने पंजाब के लिए मांगा विशेष राहत पैकेज, किसान कर्ज माफी का मुद्दा भी उठाया

Thu, 31 Jan 2019 09:43 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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वित्त आयोग की बैठक में पहुंचे सीएम अमरिंदर सिंह
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पंजाब के वित्तीय संकट का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने 15 वें वित्त आयोग से विशेष कर्ज राहत पैकेज की मांग की है। साथ ही मुख्यमंत्री ने पंजाब में संकट से जूझ रहे किसानों के सभी कर्ज खत्म करने के लिए एकमुश्त पैकेज भी मांगा।

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बुधवार को 15 वें वित्त आयोग के साथ बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने जीएसटी लागू होने के बाद राज्य के राजस्व में स्थायी कमी होने का जिक्र करते हुए बताया कि केंद्र सरकार द्वारा दिया जा रहा मुआवजा भी 1 जुलाई, 2022 तक खत्म हो जाएगा।

 इसके बाद राज्य के राजस्व में वार्षिक 10,000-12,000 करोड़ रुपये तक की बड़ी कमी आएगी। इस घाटे के मद्देनजर मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार द्वारा पंजाब जैसे राज्य के लिए मुआवजे के संबंध में बनाया फार्मूला 30 जून, 2022 के बाद भी जारी रखा जाए ताकि यह राज्य संकट में न फंसे। मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार के विभिन्न कार्यक्रमों और ठोस प्रयासों के बावजूद राज्य के विकास में कई रुकावटें होने का हवाला देते हुए पंजाब के लिए विशेष पैकेज की जरूरत पर जोर दिया।
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 मुख्यमंत्री ने आयोग को औपचारिक ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि पंजाब जीसीएस में से कुल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) दर के बकाया कर्ज और कुल राजस्व प्राप्तियों की दर के सबसे ज्यादा ब्याज भुगतान करने वाला है। उन्होंने कहा कि यह पैकेज आम कर्ज राहत स्कीम के अंतर्गत दिया जा सकता है, जिसे राज्य की वित्तीय कारगुजारी के साथ जोड़ा जाए, जैसे कि पिछले समय में वित्त आयोगों के समय पर होता रहा है। 

मीटिंग के दौरान मुख्यमंत्री ने फसलों की खरीद संबंधी 31,000 करोड़ रुपये का भी मामला उठाया। उन्होंने कहा कि केंद्र को या तो यह कर्ज अपने सिर पर लेना चाहिए या पंजाब को मैचिंग वित्तीय घाटा अनुदान देकर 3240 करोड़ रुपये के वार्षिक ब्याज की ज़िम्मेदारी से मुक्त करना चाहिए।

2.10 लाख करोड़ के कर्ज का भी दिया हवाला

चंडीगढ़ में वित्त आयोग की बैठक
मुख्यमंत्री ने बताया कि उनकी सरकार को पिछली अकाली -भाजपा सरकार से 2.10 लाख करोड़ रुपये का कर्ज विरासत में मिला है, जिससे पंजाब राजस्व घाटे वाला राज्य बन गया है। उन्होंने कहा कि पिछले वित्त आयोग ने राजस्व घाटे वाले राज्यों में से पंजाब को बाहर कर दिया था, हालांकि इसे 12वें वित्त कमीशन ने शामिल किया था।

किसानी कर्ज में केंद्र से सहयोग की जरूरत
कृषि कर्ज राहत के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने बताया कि उनकी सरकार ने 10 लाख छोटे व सीमांत किसानों के लिए 8000 करोड़ रुपये का पैकेज पहले ही घोषित किया हुआ है लेकिन केंद्र से व्यापक पैकेज और सहायता की जरूरत है। कैप्टन ने आयोग को मक्का और गन्ने की कीमत में घाटे के लिए सहायता उपलब्ध करवाने की अपील की जो क्रमश: 12,350 करोड़ और 300 करोड़ तक रुपये बनता है।

केंद्रीय स्पांसर स्कीमों में पंजाब का हिस्सा 2 फीसदी करने की मांग
केंद्रीय स्पॉंसर स्कीमों के डिवोल्वड (सुपुर्दगी) फंडों में पंजाब का हिस्सा 1.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 2 प्रतिशत करने की मांग की जो पिछले 40 वर्षों के दौरान 2.45 प्रतिशत से घटकर 1.57 प्रतिशत रह गया है।
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जल प्रबंधन के लिए 12000 करोड़ के अनुदान की मांग

राज्य में भूजल के गिरते स्तर के कारण पैदा हो रही गंभीर स्थिति पर मुख्यमंत्री ने आयोग से पंजाब के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में मुकम्मल जल प्रबंधन के लिए 12000 करोड़ रुपये का अनुदान मांगा। मुख्यमंत्री ने नदियों की सफाई प्रोग्राम के अंतर्गत 500 करोड़ रुपये की मांग की जबकि भूजल में नहरी वृद्धि और वृक्षों के जरिये सुधार के लिए भी 3682 करोड़ रुपये की अनुदान की मांग की।

नशा पीड़ितों के पुनर्वास के लिए मांगे 300 करोड़
कैप्टन ने आयोग के ध्यान में लाया कि नशों की समस्या से राज्य में बेरोजगारी भी अमरबेल की तरह बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि पंजाब में बेरोजगारी की दर 16.60 प्रतिशत है जो कि केंद्र की 10.20 प्रतिशत से भी अधिक है। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा चलाए ओट क्लीनिकों के द्वारा नशा पीड़ितों के पुनर्वास और मुख्य धारा में लाने के लिए 300 करोड़ की अनुदान की भी मांग की।

बिजली व सड़कों के लिए 12217 करोड़ की मांग
कैप्टन ने आयोग से मांग की कि पंजाब को बिजली और सड़क क्षेत्रों के बुनियादी ढांचे के लिए क्रमश: 5500 करोड़ और 6719 करोड़ रुपये का अनुदान जारी किया जाए। उन्होंने कहा कि विभिन्न केंद्रीय स्कीमों के अंतर्गत राज्य को इन क्षेत्रों के लिए न तो कोई मुख्य अनुदान मिला है और न ही इनके रखरखाव के खर्चों का कोई उपबंध है। मुख्यमंत्री ने कैंसर की रोकथाम के लिए भी 100 करोड़ रुपये और ग्रामीण क्षेत्रों व शहरों के आसपास सीवरेज सुविधाओं के लिए 505 करोड़ की मांग की।
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