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‘कैप्टन से सवाल’ सत्र में मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने दिए कई सवालों के जवाब, विशेष इंटरव्यू पढ़ें

Mon, 13 Jul 2020 10:39 AM IST
खुशबू गोयल अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

  • गरीब व ग्रामीण विद्यार्थियों को ऑनलाइन शिक्षा देने की विधि ढूंढे विभाग
  • कैप्टन से सवाल सत्र के दौरान मुख्यमंत्री ने दी कई अहम जानकारियां
  • कहा- नई विधि जल्द लागू होगी, पढ़ाई का नहीं होगा नुकसान
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कैप्टन अमरिंदर सिंह - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शिक्षा विभाग को ऐसे विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन शिक्षा यकीनी बनाने के निर्देश दिए हैं, जिनके पास आवश्यक आनलाइन सुविधा नहीं है। उन्होंने विभाग को ऐसी कोई विधि ढूंढने को कहा है। मुख्यमंत्री ने रविवार को ‘कैप्टन से सवाल’ सत्र के दौरान एक सवाल के जवाब में कहा कि कोविड -19 के कारण रेगुलर ऑफलाइन कक्षाएं संभव नहीं हैं।
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इस वजह से यह लाजिमी हो जाता है कि गरीब और ग्रामीण समेत सभी विद्यार्थियों को शिक्षा के समान मौके मिलें। शिक्षा विभाग ऐसे विद्यार्थियों को शिक्षा देने के तरीकों की आलोचना कर रहा है, जिनके पास ऑनलाइन सुविधा न होने के कारण शिक्षा हासिल करना चुनौती बन गया है। उन्होंने कहा कि नई विधि जल्दी ही लागू हो जाएगी, जिससे लंबे समय से फिजिकल क्लासों के बंद होने से इन विद्यार्थियों की पढ़ाई का नुकसान नहीं होगा।

एक सवाल के जवाब में कैप्टन सिंह ने कहा कि उनकी सरकार पहले ही हाईकोर्ट के उस फैसले के खिलाफ एलपीए दाखिल कर चुकी है, जिसमें उन्होंने प्राइवेट स्कूलों को लॉकडाउन के समय के लिए भी फीसें वसूलने की आज्ञा दी, जब ऑनलाइन क्लासें भी नहीं लग रही थीं।
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यूजीसी के ताजा दिशानिर्देशों से सहमत नहीं हूं : कैप्टन
आखिरी साल के विद्यार्थियों के लिए यूनिवर्सिटी और कॉलेजों की परीक्षाओं के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वह यूजीसी द्वारा हाल ही में जारी दिशानिर्देशों से सहमत नहीं हैं, जिसके अंतर्गत सितंबर महीने तक लाजिमी इम्तिहान करवाने की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि यूजीसी को यह फैसला राज्यों पर छोड़ देना चाहिए, जो जमीनी हकीकत को देखकर फैसला करें। उन्होंने आशा जताई कि प्रधानमंत्री, जिन्हें उन्होंने कल पत्र लिखा है, इस संबंधी राज्यों की शंकाओं के मद्देनजर विद्यार्थियों की सुरक्षा के हितों का ख्याल रखते हुए दखल देंगे।

अकाली पार्टी रबरबैंड जैसी: कैप्टन

मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि अकाली पार्टी में क्या घटता है, इससे हमारा कोई संबंध नहीं है। उन्होंने यह बात फेसबुक लाइव के दौरान पूछे गए सवाल कि सुखदेव सिंह ढींढसा द्वारा हाल ही में शिरोमणि अकाली दल बनाने के पीछे क्या कांग्रेस का कोई हाथ तो नहीं, के जवाब में कही। मुख्यमंत्री ने व्यंग्य कसते हुए कहा, ‘वे लड़ते रहे हैं।

इतिहास बताता है कि वे बांटे जाते रहे हैं। इसमें कुछ भी नया नहीं है। एक समय सात अकाली दल थे। अकाली पार्टी रबरबैंड जैसी है जो पसरती और सिकुड़ती है। ऐसी घटनाएं इस पार्टी का आम व्यवहार है। यदि ढींढसा सारी उम्र अकाली दल का हिस्सा रहकर उनके साथ नहीं रह सके, तो इस संबंध में कोई क्या कह सकता है। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र की खूबसूरती है कि कोई किसी भी समय किसी भी पार्टी के साथ जुड़ सकता है।

पंजाब में कोरोना से हुई मौतों का हो रहा आडिट
मरने वालों के मेडिकल पृष्ठभूमि का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कोरोना से हुई सभी मौतों का ऑडिट किया जा रहा है, ताकि डॉक्टर और विशेषज्ञ कोविड के विरुद्ध लड़ाई पर और ज्यादा केंद्रित रणनीति बना सकें।

चार दिन में अन्य राज्यों से पंजाब आए 63000 लोग एक सवाल के जवाब में कैप्टन ने बताया कि पंजाब में कोविड के मामलों में इजाफा टेस्टिंग बढ़ने और बड़ी संख्या में आ रहे बाहरी लोगों के कारण हुआ है। शुरुआत में एक दिन में 700 टेस्ट होते थे और अब टेस्टिंग बढ़ाकर एक दिन में 10,000 से अधिक हो गई है। सिर्फ पिछले चार दिनों में दिल्ली समेत दूसरे राज्यों से 63000 लोग राज्य में दाखिल हुए हैं।

मेडिकल तकनीशियन भी अग्रिम पंक्ति के योद्धा
मेडिकल लैब टेक्निशियन एसोसिएशन पंजाब की यह अपील कि कोविड से निपटने में उनकी भूमिका को अग्रिम पंक्ति के योद्धाओं की तरह मान्यता देनी चाहिए। वे भी अपनी जान जोखिम में डालते हैं और इस दौरान प्रभावित भी हुए हैं, इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बिना किसी शक के तकनीशियन भी पूरी तरह अगली कतार के योद्धा हैं और मौजूदा संकट में उनकी भूमिका को कभी भुलाया नहीं जाएगा।

कैप्टन से यह सवाल भी पूछे गए

- कैप्टन ने संगरूर निवासी व्यक्ति को भरोसा दिलाया कि वे यह यकीनी बनाएंगे कि जिले के सरकारी अस्पताल में खराब सीटी स्कैन मशीन की समस्या दूर की जाए।

- मुख्यमंत्री ने यूके में बसे एक पंजाबी द्वारा अपनी माता से मिलने के लिए पंजाब आने के बारे में पूछ जाने पर बताया कि यहां पहुंचने पर उसे 7 दिन का संस्थागत एकांतवास और उसके बाद 7 दिन के घरेलू एकांतवास के नियमों का पालन करना होगा। सभी की सुरक्षा के लिए ही नियम बनाए गए हैं।

- इंतकाल की गति धीमी होने बारे पूछे सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने मुख्य सचिव को इसमें तेजी लाने और बकाया इंतकालों का निपटारा जल्द से जल्द करने के लिए विशेष मुहिम चलाने के आदेश दिए हैं।

- ठेका मुलाजिमों को नियमित करने बारे पूछे जाने पर कैप्टन ने कहा कि इस मामले में बनाई गई कैबिनेट सब-कमेटी द्वारा अपनी रिपोर्ट सौंपी जाएगी और उनकी सरकार द्वारा इस पर फैसला जल्द लिया जाएगा।

- खन्ना निवासी द्वारा पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के सर्टिफिकेटों को अंतरराष्ट्रीय विद्या के लिए आस्ट्रेलिया जैसे कुछ मुल्कों द्वारा मान्यता न देने संबंधी उठाए सवाल पर कैप्टन ने कहा कि वह यह मुद्दा आस्ट्रेलिया सरकार के पास उठाएंगे और अपील करेंगे कि आस्ट्रेलिया में उच्च शिक्षा डिग्रियों के लिए पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के सर्टिफिकेटों को मान्यता दी जाए।

- कंडी बेल्ट में कीरतपुर साहिब के क्षेत्र चंगर में 65 करोड़ की लागत वाले पीने वाले पानी और लिफ्ट सिंचाई प्रोजेक्ट की स्थिति के बारे में सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि सात योजनाएं बनाईं गई थीं। इनमें से तीन पहले ही कार्यशील हैं और दो का काम प्रगति पर है। बाकी दो व्यावहारिक तौर पर संभव नहीं पाई गईं।

एनडीए के अपने पूर्व इंस्ट्रक्टर से मिलेंगे कैप्टन

नेशनल डिफेंस अकादमी (एनडीए) इंस्ट्रक्टर नायब सूबेदार हरबंस सिंह के पोते की अपील कि नायब सूबेदार उन्हें दिल से याद करते हैं और मिलना चाहते हैं, पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘यदि वे आ सकते हैं तो कृपा करके उन्हें यहां लाएं। कोई अपने पुराने दोस्तों को नहीं भूल सकता और वर्दी पहनने वाले भाइयों को कभी भी भुलाया नहीं जा सकता।’ कैप्टन ने कहा कि वे अपने पूर्व एनडीए इंस्ट्रक्टर को मिलने का इंतजार करेंगे।

पंजाब के घी से और कोई घी बेहतर नहीं : कैप्टन
अमृतसर के एक निवासी द्वारा श्री दरबार साहिब के लिए मिल्कफेड की जगह पुणे की एक निजी कंपनी से देसी घी खरीदे जाने को लेकर उठाए सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वे इसके हक में नहीं हैं। डेयरी पंजाब के लिए दूसरी फसल है। उन्होंने आशा जताते हुए कहा कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी अपने फैसले पर फिर से गौर करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के घी से और कोई घी बेहतर नहीं है।

तुली लैब टेस्टिंग घोटाले की जांच के लिए एसआईटी का गठन
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने तुली लैब के कोविड टेस्टिंग घोटाले की जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच टीम (एसआईटी) का ऐलान किया है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार प्राईवेट अस्पतालों और लैबोरेटरियों को मौजूदा संकट में मुनाफाखोरी करने की हरगिज इजाजत नहीं देगी। ‘कैप्टन से सवाल’ कार्यक्त्रस्म की अगली कड़ी के अंतर्गत रविवार को फेसबुक लाईव के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्हें तुली लैब के खिलाफ एक शिकायत प्राप्त हुई थी और उन्होंने विजीलेंस ब्यूरो को जांच करने को कहा था।

उन्होंने कहा कि प्राथमिक जांच में पता चला कि इसमें किसी भी सरकारी विभाग या अधिकारी शामिल नहीं हैं और केस पंजाब पुलिस को सौंप दिया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि तीन सदस्यीय विशेष जांच टीम की कमान अमृतसर के पुलिस कमिश्नर को सौंपी गई है, जो खुद एक डॉक्टर हैं और उनके साथ सिविल सर्जन को टीम सदस्य के तौर पर शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि एसआईटी विस्तृत जांच करेगी और अपनी रिपोर्ट जल्द सौंपेगी, ताकि उचित कार्यवाही की जा सके।
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केस के हस्तांतरण पर अनावश्यक राजनीति न करें मजीठिया

मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री ने अकाली नेता मजीठिया द्वारा जांच पुलिस को सौंपने के फैसले का सियासीकरण किए जाने की कोशिशों पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि विजीलैंस ब्यूरो को शुरुआत में इस मामले में किसी भी सरकारी विभाग या कर्मचारी के शामिल होने का कोई सबूत नहीं मिला और तुली लैब ने खुद अदालत में जाकर विजीलैंस ब्यूरो के अधिकार क्षेत्र को चुनौती दी है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने यह मामला पंजाब पुलिस के हवाले करने का फैसला लिया, ताकि कोई कानूनी अड़चन पैदा न होने को यकीनी बनाया जा सके। कैप्टन ने कहा कि मजीठिया को इस तरह का निरर्थक मुद्दा उठाने और पंजाब पुलिस का आत्मविश्वास कमजोर करने की जगह अपना समय और शक्ति, बेअदबी मामलों और पुलिस गोलीबारी की घटनाओं में पुलिस जांच में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के दखल को रोकने के लिए दिल्ली में राजनैतिक आकाओं पर दबाव बनाने पर लगाना चाहिए।

अकाली आपस में लड़ते हैं, फिर अलग हो जाते हैं : कैप्टन
कैप्टन से सवाल प्रोग्राम के दौरान पूछे गए सवाल कि सुखदेव सिंह ढींढसा द्वारा हाल ही में शिरोमणि अकाली दल बनाने के पीछे क्या कांग्रेस का कोई हाथ तो नहीं? के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि अकाली पार्टी में क्या घटता है ‘इससे हमारा कोई संबंध नहीं है। उन्होंने व्यंग्य कसते हुए कहा, ‘‘वह लड़ते रहे हैं। ... इतिहास बताता है कि वह बांटे जाते रहे हैं। इसमें कुछ भी नया नहीं है। एक समय सात अकाली दल थे।

अकाली पार्टी रबरबैंड जैसी है - जो पसरती और सिकुड़ती है। उन्होंने आगे कहा कि ऐसी घटनाएं इस पार्टी का आम व्यवहार हैं। कैप्टन ने कहा, ‘‘यदि ढींढसा सारी उम्र अकाली दल का हिस्सा रहकर उनके साथ नहीं रह सका, तो इस संबंध में कोई क्या कह सकता है। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र की खूबसूरती है कि कोई किसी भी समय किसी भी पार्टी के साथ जुड़ सकता है।
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