पहली बार सीजन शुरू होते ही मिला सीसीएलः मान
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ के मुआवजे का वितरण पहले ही शुरू कर दिया गया है और एक-एक पैसे का नुकसान राज्य सरकार द्वारा अदा किया जाएगा। राज्य सरकार के पास प्रांतीय आपदा राहत फंड में काफी पैसा है। किसानों की फसल का एक-एक दाना खरीदा जाएगा और खरीद हुई फसल को उसी दिन मंडी में से उठाया जाएगा। किसानों को समय पर अदायगी करने के लिए निर्धारित नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा।
राज्य के इतिहास में पहली बार है कि पंजाब सरकार ने खरीद शुरू होने से पहले धान के सीजन के लिए 37,000 करोड़ रुपये की कैश क्रेडिट लिमिट (सीसीएल) प्राप्त की है। राज्य ने धान खरीद के लिए केंद्र से सीसीएल के तौर पर 42000 करोड़ की मांग की थी जिसके मुकाबले 37000 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं। राज्य की चार खरीद एजेंसियां- पनग्रेन, मार्कफेड, पनसप और पंजाब स्टेट वेयरहाउस कारपोरेशन, भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के साथ मिलकर भारत सरकार द्वारा निर्धारित मापदंडो के अनुसार न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान की खरीद कर रही हैं।
दो अक्तूबर तक मंडियों में 68000 टन धान पहुंचा
मुख्यमंत्री ने बताया दो अक्तूबर तक मंडियों में 68000 मीट्रिक टन धान की आमद हुई है जो पिछले साल की अपेक्षा 48 प्रतिशत अधिक है। मंडियों में अनाज लाने वाले किसानों के हितों की रक्षा के लिए बायोमीट्रिक प्रमाणिकता की तकनीक शुरू की गई है। अनाज की लिफ्टिंग में पारदर्शिता लाने के लिए वाहनों को ऑनलाइन गेट पास जारी किए जाएंगे।
पंजाब मंडी बोर्ड द्वारा 1854 खरीद केंद्र नोटीफाई करके सरकारी खरीद एजेंसियों को अलॉट किए गए। धान की संभाल के लिए जरूरी बारदाने और तिरपालों के जरूरी प्रबंध समय से पहले ही पूरे कर लिए गए हैं। खरीफ सीजन के दौरान राज्य सरकार की ओर से 182.10 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें से 173 लाख टन की खरीद सरकारी एजेंसियां करेंगी। राज्य सरकार के पास जूट की 4.86 लाख गांठें मौजूद हैं और बाकी का प्रबंध मिल मालिकों की तरफ से किया जाएगा।