केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को मौजूदा सरकार का आखिरी बजट पेश किया। बजट में मध्यम वर्ग के लिए आवास योजना को आगे जारी रखने की योजना है, जिसमें पांच साल में दो करोड़ घर बनाने की बात कही गई है।
पंजाब में लगातार हो रहे विकास के चलते हाउसिंग की मांग बढ़ती जा रही है। ऐसे में इस योजना का प्रदेश को सबसे अधिक फायदा हो सकता है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत भी प्रदेश में काफी संख्या में घर बने हैं और इस योजना को आगे बढ़ाने से मध्य वर्ग के लिए लोगों को और फायदा हो सकता है।
केंद्र के अनुसार प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत 3 करोड़ मकान बनाने का लक्ष्य पूरा कर लिया गया है और अब दो करोड़ करोड़ मकान और बनाए जाएंगे। बता दें कि योजना के तहत पंजाब में अब तक 85.9 प्रतिशत मकान बनकर तैयार हो चुके हैं। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने प्रदेश का 39729 मकानों का लक्ष्य तय किया था, लेकिन अभी तक यहां पर 35986 मकान ही बना पाए हैं।
पंजाब कॉलोनीनाइजर एंड प्रॉपर्टी डीलर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष गुलशन कुमार ने बताया कि प्रदेश में जिस तरह से विकास हो रहा है। नई इंडस्ट्री आ रही है और साथ ही मल्टी नेशनल कंपनियां दस्तक दे रही हैं, उससे हाउसिंग की मांग भी पहले से बढ़ती जा रही हैं। उन्होंने बताया कि कुछ बड़े शहरों में 20 प्रतिशत तक की ग्रोथ हैं, जहां पर तेजी से औद्योगिक इकाईयां बढ़ रही हैं। अमृतसर, लुधियाना, जालंधर और बठिंडा समेत अन्य शहर इसमें शामिल हैं। बड़े शहरों के विकास के साथ ही छोटे कस्बों व गांवों का भी विकास हो रहा है। छोटे कस्बों में ये कम 2 प्रतिशत तक की ग्रोथ भी है।