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नई एक्साइज पॉलिसी का एलान, किसानों के कर्ज होंगे माफ, पंजाब कैबिनेट के 5 अन्य फैसले...यहां पढ़ें

Sun, 03 Mar 2019 10:20 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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पंजाब कैबिनेट
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मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की अध्यक्षता में पंजाब कैबिनेट की बैठक हुई, जिसमें कई फैसलों पर मुहर लगाई गई। इनसे प्रदेश की जनता को काफी राहत मिलेगी। किसानों के दो लाख तक के कर्ज माफ करने के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार ने अब सूबे के उन खेत मजदूरों और भूमिहीन किसानों को कर्ज राहत योजना में लाने का फैसला किया है, जो प्राथमिक कोऑपरेटिव एग्रीकल्चर सर्विस सोसायटी (पीएसीएस) के सदस्य हैं। इस फैसले से 2.85 लाख लोगों को राहत मिलेगी, जिनमें तकरीबन 70 प्रतिशत अनुसूचित जाति के हैं।
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इसके अलावा कैबिनेट ने वर्ष 2019-20 के लिए नई एक्साइज पालिसी का एलान कर दिया। इससे शराब मामूली महंगी हो जाएगी। पांच सितारा व ऊंचे होटलों में 24 घंटे शराब परोसने की अनुमति दी जाएगी। इसके अलावा हवाई अड्डों पर भारतीय विदेशी शराब बेचने को नए लाइसेंस दिए जाएंगे। इसके अलावा गन्ना किसानों को प्रति क्विंटल 25 रुपये सब्सिडी देने, बटाला, कपूरथला और अबोहर को नगर निगम बनाने का फैसला किया है।  खेत मजदूरों और भूमिहीन किसानों को कर्ज राहत योजना से पीएसीएस के सदस्यों को 520.55 करोड़ रुपये का लाभ होगा।

इस कर्ज माफी में 388.55 करोड़ रुपये की मूल राशि है। हालांकि 31 मार्च, 2017 तक 7 प्रतिशत ब्याज की दर से 78 करोड़ रुपये ब्याज लगा है। इसके अलावा 1 अप्रैल, 2017 से 31 मार्च, 2019 तक 7 प्रतिशत के साथ 54 करोड़ रुपये ब्याज की और राशि है। उल्लेखनीय है कि पंजाब सरकार ने हाल ही के विधानसभा के बजट सत्र के दौरान इस स्कीम को लागू करने के लिए बजट व्यवस्था की थी। मुख्यमंत्री ने कहा था कि राज्य की वित्तीय स्थिति में सुधार होने से वह भूमिहीन किसानों और कृषि मजदूरों को भी कर्ज राहत स्कीम के घेरे में लाएंगे।
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सरकारी प्रवक्ता के अनुसार, इसके सिर्फ पीएसीएस के सदस्य ही इस कर्ज राहत के योग्य होंगे, जिन्होंने डीसीसीबीज़ से राशि प्राप्त की है। 31 मार्च, 2017 तक 25 हज़ार रुपये तक की मूल राशि का लिया गया कर्ज ही इस राहत के योग्य होगा, जिस पर साधारण ब्याज प्रति वर्ष 7 प्रतिशत दर के साथ होगा। राज्य सरकार द्वारा छोटे और सीमांत किसानों के लिए दो लाख रुपये की राहत संबंधी अक्तूबर, 2017 में शुरू की गई कर्ज राहत स्कीम का यह एक हिस्सा है। अब तक सरकार ने 5.47 लाख छोटे और सीमांत किसानों के तकरीबन 4600 करोड़ रुपये के कर्ज माफ किए हैं।
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सरहदी जिलों की मांग पूरी

श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व समारोहों के अंतर्गत पंजाब कैबिनेट ने ऐतिहासिक कस्बों बटाला, कपूरथला और अबोहर का नगर निगमों के तौर पर दर्जा बढ़ाने को मंजूरी दे दी है। इससे सरहदी जिलों के लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हो गई है। इस फ़ैसले से इन कस्बों का समूचा विकास यकीनी बनाया जा सकेगा और इन कस्बों को सड़क संपर्क और शहरी ट्रांसपोर्ट सेवाओं के साथ-साथ बढ़िया शहरी सहूलियतें प्राप्त होंगी। इस समय राज्य में 10 नगर निगम हैं और इस फ़ैसले से इनकी संख्या 13 हो गई है।

नई बटालियन रोकेगी शराब की तस्करी
सरकार ने नई एक्साइज पॉलिसी में कमोबेश पिछले साल की ही नीति को प्रभावी रखते हुए नए वित्त वर्ष में 739 करोड़ रुपये अधिक राजस्व प्राप्ति का अनुमान लगाया है। वर्ष 2018-19 में 5462 करोड़ रुपये की निर्धारित संभावित वसूली के मुकाबले 2019-20 में 6201 करोड़ रुपये की राजस्व प्राप्ति का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस तरह सरकार को एक्साइज ड्यूटी के रूप में 739 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है। पड़ोसी राज्यों से शराब की तस्करी रोकने के लिए एक अतिरिक्त बटालियन बनाई जाएगी, जिसमें पुलिस का एक आईजी/डीआईजी, डिविजनल स्तर पर एसपी रैंक का अधिकारी, आवश्यक डीएसपी, प्रत्येक एक्साइज जिले में 50-60 पुलिस कर्मचारी होंगे।

इस बटालियन का गठन आबकारी एवं कराधान विभाग के लिए किया जाएगा। हालांकि पड़ोसी राज्यों से सूबे में हो रही शराब की तस्करी रोकने के लिए सरकार ने आईजी/डीईजी के नेतृत्व में एक नई बटालियन के गठन का फैसला किया है। एक रुपये प्रति लीटर की दर से बाटलिंग फीस के जरिए सरकार को लगभग 30 करोड़ रुपये की आय का अनुमान है, जिसे प्रदेश के लोगों में शराब की लत छुड़ाने के लिए खर्च किया जाएगा। पांच सितारा व ऊंचे होटलों में 24 घंटे शराब परोसने की अनुमति दी जाएगी। इसके अलावा हवाई अड्डों पर भारतीय विदेशी शराब बेचने को नए लाइसेंस दिए जाएंगे।

पंजाब कैबिनेट के कुछ अन्य प्रमुख फैसले
- पुलवामा के शहीद कुलविंदर के परिजनों को 10 हजार रुपये मासिक पेंशन
- पंजाब के मान्यताप्राप्त पत्रकारों को 12000 रुपये मासिक पेंशन
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