बलकार और खुडि्डयां को मिला मेहनत का इनाम
करतारपुर से विधायक बलकार सिंह को जालंधर लोकसभा उपचुनाव में अच्छे काम का इनाम मिला है। कैबिनेट में उन्हें दी गई जगह को जालंधर लोकसभा उपचुनाव में आप प्रत्याशी सुशील रिंकू को अपने हलके में सबसे ज्यादा वोट दिलवाने के अलावा अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया से टक्कर लेने का रिवॉर्ड माना जा रहा है।
बलकार के खिलाफ मजीठिया ने मोर्चा खोल रखा था लेकिन वह मुकाबले में डटे रहे। पूर्व पुलिस अधिकारी बलकार सिंह इस सरकार में पहली बार ही विधायक भी चुने गए थे। उन्होंने 2021 में ही आम आदमी पार्टी ज्वाइन की थी। वहीं, मुक्तसर जिले की लंबी सीट के विधायक गुरमीत सिंह खुड्डियां को कैबिनेट मंत्री की कुर्सी से नवाजने का मुख्य कारण, उनके द्वारा पांच बार के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को हराने के बाद शिअद का लंबी का किला भेदना रहा है। खुड्डियां ने विधानसभा चुनाव में लंबी सीट पर नामुमकिन को मुमकिन करते हुए अकाली दल के सरपरस्त और पूर्व मुख्यमंत्री बादल को उन्हीं के गृह क्षेत्र में हरा दिया था। खुड्डियां ने भी 2021 में ही आप ज्वाइन की थी और वह पहली बार ही विधायक भी बने हैं।
नए मंत्रियों के लिए सचिवालय में कमरों की सजावट शुरू
पंजाब कैबिनेट में दो नए मंत्रियों की एंट्री के साथ ही सचिवालय में उनके दफ्तरों को लेकर तैयारी भी शुरू हो गई है। इस संबंध में अधिकारियों ने फाइल तैयार करके मंजूरी के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय भेज दी है। माना जा रहा है कि गुरुवार को दोनों मंत्रियों को दफ्तर अलॉट कर दिए जाएंगे। इसके लिए सचिवालय के पांचवें तल पर कमरा नंबर 6 और छठे तल पर कमरा नंबर 38 को तैयार किया गया है। यह दोनों कमरे अब तक खाली थे। अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार तक अगर इंदरबीर सिंह निज्जर का इस्तीफा मंजूर हो जाता है तो सातवें तल पर कमरा नंबर 27 में उनका दफ्तर भी हट जाएगा और यह कमरा भी खाली हो जाएगा।