ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी टूर्नामेंट, राष्ट्रीय स्कूल खेल, खेलो इंडिया स्कूली खेल में गोल्ड, सिल्वर, ब्रोंज पर क्रमवार पचास, तीस, बीस हजार रुपये दिए जाएंगे। सीनियर नेशनल चैंपियनशिप में 40, 20, 15 हजार का इनाम दिया जाएगा। सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि 2010 में खेल नीति बनी थी, तब से काफी बदलाव आए हैं, इसलिए नीति में भी बदलाव की जरूरत थी।
नीति का मकसद छोटी उम्र में बच्चों को शारीरिक गतिविधियों, खेलों से जोड़ना है। जिलों और सब-डिवीजन स्तर पर सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। हर ब्लॉक के एक गांव में खेल का मैदान बनाया जाएगा। महाराजा रणजीत सिंह अवार्ड, वजीफा और पेंशन स्कीम के जरिए पदक विजेताओं को आर्थिक सहायता मुहैया कराई जाएगी।
नीति के तहत पटियाला में खेल यूनिवर्सिटी स्थापित की जाएगी। महाराजा रणजीत सिंह अवार्ड के लिए बीस खिलाड़ियों और एक दिव्यांग खिलाड़ी, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीता हो, और दिशा निर्देश के मुताबिक सौ अंक का ग्रेड है, का चयन हर साल किया जाएगा। पद्म, अर्जुन, राजीव गांधी खेल रत्न के सारे पंजाब के अवार्डी खुद इस अवार्ड के योग्य हो जाएंगे।
चालीस की उम्र पार कर चुके जो खिलाड़ी मुलाजिम नहीं हैं, जिनकी सालाना आय छह लाख से कम होगी, को पेंशन दी जाएगी। ओलंपिक पदक विजेताओं को 15 हजार रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। कोचों को प्रोत्साहित करने को भी नकद इनाम का प्रावधान किया गया है।