वहीं शिरोमणि अकाली दल के टकसाली नेता और राज्यसभा सांसद सुखदेव सिंह ढींढसा के इस्तीफे की बात पर सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि पार्टी में किसी तरह की कोई फूट नहीं है। सभी टकसाली नेता उनके पिता समान है। वह उन सभी का सम्मान करते है और करते रहेंगे। सुखबीर सिंह बादल पटियाला में सात अक्तूबर को होने वाली रैली से पहले लुधियाना में माडल टाऊन स्थित गुरुद्वारा सिंह सभा में वर्करों से मीटिंग करने के लिए पहुंचे थे।
इस दौरान उनके साथ पूर्व कैबिनेट मंत्री बिक्रमजीत सिंह मजीठिया, डॉ. दलजीत सिंह चीमा व अन्य सीनियर नेता भी मौजूद थे। सुखबीर सिंह बादल ने वर्करों को रैली में पहुंच कर पंजाब सरकार को हिलाने की बात की और कहा कि यह अकाली दल की अब तक की सबसे बड़ी रैली साबित होगी।
पत्रकारों से बात करते हुए शिरोमणि अकाली दल के प्रधान और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा चंडीगढ़ को लेकर दिए गए नोटिफिकेशन को रद्द करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि नोटिफिकेशन वहां के अधिकारियों के पंजाब और हरियाणा के बीच लागू 60 और 40 के अनुपात का उल्लंघन है।
उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ पर पंजाब का हक था, है और रहेगा। सुखबीर ने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के मामले में कांग्रेस पार्टी द्वारा बनाए हुए रंजीत सिंह आयोग की रिपोर्ट को झूठा बताया है। उन्होंने कहा पंजाब सरकार ने खुद ही पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में एक पत्र देकर रिपोर्ट को सच न मानने की बात की है और कहा है कि इसका निर्णय राज्य सरकार द्वारा गठित की गई टीम ही करेगी।