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पंजाब कैबिनेट का फैसलाः हरियाणा की तरह पदक विजेताओं को मिलेंगे करोड़ों रुपये

Wed, 03 Oct 2018 09:51 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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पंजाब कैबिनेट
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ओलंपिक खेलों में सिल्वर मेडल जीतने वालों को पंजाब सरकार अब 1.50 करोड़ देगी। पंजाब सरकार ने हरियाणा की तर्ज पर सभी पदक विजेताओं की इनामी राशि बढ़ा दी है। कैबिनेट ने नई खेल नीति को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी। कैबिनेट ने खेल कोटे के तहत भर्ती के लिए अलग दिशा निर्देश जारी करने के मामले में फैसला लेने के लिए मुख्यमत्री को अधिकृत किया।

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 सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि राज्य सरकार सभी सरकारी नौकरियों के साथ बोर्ड, निगम, सहकारी-सांविधानिक संस्थाओं, स्थानीय अथॉरिटी में पंजाब के रहने वाले खिलाड़ियों के लिए तीन फीसदी आरक्षण को वचनबद्ध है, जोकि राष्ट्रीय स्तर पर सूबे की नुमाइंदगी करेंगे। 

कैबिनेट ने ओलंपिक व पैरा ओलंपिक में सिल्वर जीतने पर 1.01 की जगह 1.50 करोड़, कांस्य पर 51 लाख की जगह एक करोड़ देने का फैसला किया। गोल्ड जीतने पर पहले की तरह 2.25 करोड़ मिलेंगे। एशियन और पैरा एशियन में गोल्ड पर 26 लाख की जगह एक करोड़, सिल्वर पर 16 की जगह 75 लाख, ब्रोंज पर 11 की जगह 50 लाख देने का फैसला किया है। विश्व कप, चैंपियनशिप में गोल्ड पर 21 से बढ़ा कर 80 लाख, सिल्वर पर 11 से बढ़ा कर 55, ब्रोंज पर सात से बढ़ा कर 45 लाख किए गए हैं। 
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कॉमनवेल्थ और पैरा कॉमनवेल्थ खेलों में गोल्ड पर 16 की जगह 75 लाख, सिल्वर पर 11 की जगह 50 लाख, ब्रोंज पर 6 की जगह 40 लाख मिलेंगे। विश्व यूनिवर्सिटी खेलों में गोल्ड पर सात, सिल्वर पर पांच, ब्रोंज पर तीन लाख मिलेंगे। सैफ, एफ्रो एशियन, नेशनल और पैरा नेशनल गेम्स में गोल्ड पर पांच लाख, सिल्वर पर तीन और कांस्य पर दो लाख रुपये मिलेंगे।

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पटियाला में स्थापित होगी खेल यूनिवर्सिटी

पंजाब कैबिनेट
ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी टूर्नामेंट, राष्ट्रीय स्कूल खेल, खेलो इंडिया स्कूली खेल में गोल्ड, सिल्वर, ब्रोंज पर क्रमवार पचास, तीस, बीस हजार रुपये दिए जाएंगे। सीनियर नेशनल चैंपियनशिप में 40, 20, 15 हजार का इनाम दिया जाएगा। सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि 2010 में खेल नीति बनी थी, तब से काफी बदलाव आए हैं, इसलिए नीति में भी बदलाव की जरूरत थी। 

नीति का मकसद छोटी उम्र में बच्चों को शारीरिक गतिविधियों, खेलों से जोड़ना है। जिलों और सब-डिवीजन स्तर पर सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। हर ब्लॉक के एक गांव में खेल का मैदान बनाया जाएगा। महाराजा रणजीत सिंह अवार्ड, वजीफा और पेंशन स्कीम के जरिए पदक विजेताओं को आर्थिक सहायता मुहैया कराई जाएगी। 

नीति के तहत पटियाला में खेल यूनिवर्सिटी स्थापित की जाएगी। महाराजा रणजीत सिंह अवार्ड के लिए बीस खिलाड़ियों और एक दिव्यांग खिलाड़ी, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीता हो, और दिशा निर्देश के मुताबिक सौ अंक का ग्रेड है, का चयन हर साल किया जाएगा। पद्म, अर्जुन, राजीव गांधी खेल रत्न के सारे पंजाब के अवार्डी खुद इस अवार्ड के योग्य हो जाएंगे।

चालीस की उम्र पार कर चुके जो खिलाड़ी मुलाजिम नहीं हैं, जिनकी सालाना आय छह लाख से कम होगी, को पेंशन दी जाएगी। ओलंपिक पदक विजेताओं को 15 हजार रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। कोचों को प्रोत्साहित करने को भी नकद इनाम का प्रावधान किया गया है।
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