पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान।
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पंजाब कैबिनेट ने शुक्रवार को पंजाब स्टेट माइनर मिनरल पॉलिसी-2023 को भी मंजूरी दे दी। इसके साथ ही कैबिनेट ने जल संसाधन और परिवहन विभाग के पुनर्गठन पर सहमति जताने के अलावा गुरु रविदास संस्थापक अध्ययन केंद्र समिति डेरा सचखंड बल्लां को 25 करोड़ रुपये के फंड जारी करने के प्रस्ताव को भी मंजूर कर लिया।
कैबिनेट ने राज्य के लोगों को किफायती दरों पर रेत और बजरी मुहैया करने के लिए ‘पंजाब स्टेट माइनर मिनरल पॉलिसी-2023’ को मंजूरी दे दी है। इस नीति का उद्देश्य राज्यभर में रेत और बजरी का खनन पारदर्शी और कानूनी तरीके से करना है। इस नीति के अनुसार खनन साइटों को दो श्रेणियां- वाणिज्यिक खनन क्षेत्र और सार्वजनिक खनन क्षेत्र में बांटा गया है।
वाणिज्यिक खनन क्षेत्र को अलग- अलग क्लस्टर में बांटा जाएगा और इनकी ई-टेंडर प्रक्रिया से नीलामी की जाएगी जबकि सार्वजनिक खनन साइट को आम लोगों के हित में खनन विभाग चलाएगा। इन दोनों क्षेत्रों से पिट हेड से रेत को 5.50 रुपये प्रति क्यूबिक फुट की दर से बेचा जाएगा। साधारण मिट्टी और साधारण क्ले की खुदाई पर कोई रॉयल्टी नहीं लगाई जाएगी। दो एकड़ या तीन फुट तक गहराई तक के क्षेत्र में गैर-व्यापारिक प्रोजेक्टों के लिए केवल साधारण मिट्टी की खुदाई की इजाजत होगी। इस नीति के साथ रेत और बजरी की कीमतें नीचे आएंगी।
जल संसाधन और परिवहन विभाग के पुनर्गठन पर सहमति
सरकारी कामकाज को और पारदर्शी बनाने के लिए कैबिनेट ने जल संसाधन और परिवहन विभाग के पुनर्गठन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी। जल संसाधन विभाग के कामकाज की समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि कई पद सृजित करने और समय के साथ-साथ महत्व गंवा चुके पदों को खत्म करने की जरूरत है। इसके आधार पर 1278 नए पदों को सृजित किया गया जबकि 708 पदों को डाइंग काडर घोषित किया गया और बेलदारों के 957 पद सृजन किए गए हैं। उल्लेखनीय है कि विभाग का पहला पुनर्गठन साल 2020 में किया गया था। इस पुनर्गठन योजना से न केवल मानव संसाधनों की बेहतर तरीके से इस्तेमाल सुनिश्चित होगा बल्कि इससे सालाना 74.74 करोड़ रुपए बचेंगे।
कैबिनेट ने परिवहन विभाग के विंग स्टेट ट्रांसपोर्ट कमिश्नर पंजाब (एसटीसी) के पदों के पुनर्गठन को भी मंजूर कर लिया। एसटीसी के पुनर्गठन के साथ पदों की संख्या बढ़ेगी, जिससे लोगों के परिवहन वाहनों संबंधी काम जिला मुख्यालयों पर ही हो सकेंगे। लाइसेंसिंग और वाहनों की रजिस्ट्रेशन का काम भी आसानी से हो सकेगा।
उम्रकैदियों की अग्रिम रिहाई संबंधी केस भेजने को हरी झंडी
कैबिनेट ने राज्य की जेलों में उम्रकैद काट रहे दो कैदियों की अग्रिम रिहाई की मांग भेजने के लिए हरी झंडी दे दी है। भारत के संविधान की धारा 163 के अंतर्गत कैबिनेट की मंजूरी के बाद विशेष माफी/अग्रिम रिहाई वाले यह केस भारतीय संविधान की धारा 161 के अधीन पंजाब के राज्यपाल को भेजे जाएंगे।