लोकसभा चुनाव में किरकिरी के बाद आखिरकार पंजाब सरकार ने प्रदेश वासियों को प्रॉपर्टी टैक्स में राहत देने का फैसला ले लिया। मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल की अध्यक्षता में कैबिनेट की मंगलवार को हुई बैठक में सरकार ने प्रॉपर्टी टैक्स में भारी कमी करते हुए इसके नए प्रारूप को मंजूरी दे दी।
प्रॉपर्टी टैक्स की नई दरें वर्ष 2014-15 के लिए गत 1 अप्रैल से लागू होंगी जबकि 2013-14 का टैक्स पहले की दरों के अनुसार ही देना होगा। स्थानीय निकाय मंत्री अनिल जोशी ने बैठक के बाद बताया कि नई दरों से लोगों को काफी लाभ होगा।
अब तक प्रॉपर्टी टैक्स को कलेक्टर रेट पर तय किए जाने से टैक्स की राशि कई हजार रुपये बनती थी, नई दरों के तहत कुछ सौ रुपये में सिमट जाएगी। उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय निकायों की आय में कमी तो आएगी, लेकिन लोक हित को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
उन्होंने कहा कि टैक्स के पहले वाले प्रारूप के मुताबिक स्थानीय निकायों की वार्षिक अनुमानित आय करीब 450 करोड़ रुपये थी, जो नए फैसले से 250 करोड़ रुपये के आसपास रह जाएगी। पहले हाउस टैक्स से भी इतनी ही आय होती थी।
शहरों को 3 केटेगरी में बांटकर लगाया टैक्स
कैबिनेट द्वारा लिए गए फैसले के अनुसार प्रॉपर्टी टैक्स को कलेक्टर रेट से अलग कर दिया गया है और अब जमीन की विभिन्न केटेगरी के लिए अलग-अलग दरें निर्धारित की गई हैं। इसके लिए प्रदेश के सभी शहरों को तीन केटेगरी- ए, बी व सी में बांटा गया है।
इसके बाद ए केटेगरी के शहरों को भी तीन (सुपर ए, ए और अन्य) वर्गों में विभाजित किया गया है। इसी प्रकार बी व सी केटेगरी के शहरों को भी दो (ए व अन्य) भागों में बांटा गया है। प्रॉपर्टी टैक्स की नई दरें जमीन के इन्हीं के अनुसार तय की गई है। हालांकि कई वर्गों को टैक्स से छूट भी दी गई है।
निकायों का वर्गीकरण
केटेगरी ए : नगर निगम अमृतसर, जालंधर, लुधियाना, पटियाला और मोहाली
केटेगरी बी : अन्य नगर निगमों सहित दर्जा एक नगर परिषदें
केटेगरी सी : अन्य नगर परिषदें व सभी नगर पंचायतें
इन्हें मिली प्रॉपर्टी टैक्स से छूट
- धार्मिक स्थल, श्मशान घाट, कैटल पौंड, ऐतिहासिक भवन, वृद्ध आश्रम, अनाथालय, म्युनिसीपेलिटीज के अपने भवन, सरकारी व सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल, कॉलेज, सरकारी अस्पताल, डिस्पेंसरी, कृषि व बागवानी के अधीन जमीन को पूरी छूट।
- विधवाओं व विकलांगों को पांच हजार रुपये तक।
- स्वतंत्रता सेनानियों, बीपीएल परिवारों और पूर्व सैनिकों को पूरी छूट।
- सभी शैक्षिक संस्थानों को 50 फीसदी की छूट।
- खाली प्लॉट व 50 वर्ग गज से कम भूमि पर बने मकान (चाहे जितने मंजिलें हों) को पूरी छूट।
- 125 वर्ग गज में बने एक मंजिला मकान और 500 वर्ग फुट में बने फ्लैट पर कोई कर नहीं
- गैर आवासीय भवनों के वार्षिक किराए पर टैक्स 10 से घटाकर 7.5 फीसदी
- एक अप्रैल 2014 से पहले बनी और इस तिथि तक तीन साल पूरे न करने वाली म्युनिसिपलटीज में शामिल नए क्षेत्रों को अगले तीन वर्ष के लिए भी टैक्स से छूट