इस साल के अंत तक राज्य को स्मोक फ्री बना दिया जाएगा। इस काम में सेहत विभाग द्वारा अन्य विभागों का भी सहयोग लिया जाएगा। यह बात सोमवार को फेज-6 स्थित पंजाब हेल्थ सिस्टम कॉरपारेशन में सेहत विभाग की प्रमुख सचिव विन्नी महाजन ने कही। वह तंबाकू की रोकथाम के लिए मीडिया और सिविल सोसाइटी की भूमिका विषय पर एक दिवसीय राज्य स्तरीय वर्कशाप के शुभारंभ के लिए आई हुई थीं।
इस मौके पर सचिव ने कहा कि चाहे सरकार कितनी भी कोशिशे करें या कानून बनाएं। परंतु यह कोशिशें तब तक सफल नहीं होती, जब तक लोगों का सहयोग न हो। पंजाब के 16 जिले स्मोक फ्री घोषित किए जा चुके हैं। बाकी रहते जिलों को भी जल्द स्मोक फ्री घोषित कर दिया जाएगा। उन्होंने सेहत विभाग द्वारा राज्य में तंबाकू की रोकथाम के लिए किए कार्यों की प्रशंसा की। साथ ही कहा कि इस क्षेत्र और काम करने की जरूरत है। ताकि राज्य में कोई भी व्यक्ति तंबाकू का सेवन न करे।
उन्होंने कहा कि पंजाब में किए गए सर्वे के मुताबिक 12 प्रतिशत लोग तंबाकू का सेवन करते हैं, जिनकी संख्या करीब 24 लाख के करीब बनती है। उन्होंने कहा कि पंजाब में राष्ट्रीय तंबाकू कंट्रोल एक्ट 2003 को भी सख्ती से लागू किया जाएगा। इसके अलावा लोगों के लिए जागरूकता मुहिम शुरू की गई है।
जिसके लिए एनआरएचएम द्वारा बजट की व्यवस्था भी की गई है और जो पैसा तंबाकू के चालान से एकत्र होगा, उसको भी प्रचार के लिए खर्चा जाएगा। एनआरएचएम के एमडी हुसन लाल ने बताया कि पंजाब के हर जिले में डीसी की निगरानी में जिला तंबाकू कंट्रोल सेंटर स्थापित किए गए हैं। तंबाकू और नशे के खिलाफ लोगों को जागरूक करने के लिए विशेष मुहिम भी शुरू की गई है।
तंबाकू के सेवन से कैंसर का सबसे ज्यादा खतरा
इस मौके पर फरीदकोट के डीसी मोहम्मद तैय्यब ने जिले में तंबाकू की रोकथाम के लिए किए गए विशेष यत्नों बारे जानकारी दी। टाटा मेमोरियल मुंबई के डॉ. पंकज चतुर्वेदी ने बताया कि उनके पास 80 प्रतिशत कैंसर के मरीज तंबाकू सेवन करने वाले आए हैं। जिनमें से नौजवानों की गिनती ज्यादा है। यही नहीं 80 प्रतिशत दुकानें भी स्कूल कालेजों के पास हैं।
जिस कारण विद्यार्थी तंबाकू का सेवन करना शुरू कर देता है और उनकी सेहत पर इसका बुरा असर पड़ता है। वर्कशाप में सेहत विभाग के डायरेक्टर डॉ. करनजीत सिंह, सहायक प्रोफेसर स्कूल आफ पब्लिक हेल्थ पीजीआई डॉ. सोनू गोयल, अमतेश्वर कौर, डॉ. रविंदर कुमार, डॉ. राकेश गुप्ता ने भी अपने विचार पेश किए।