फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Punjab budget session: सात घंटे बहस के बाद बजट पास, मान बोले-कर्ज लिया पर 36 हजार करोड़ चुकाया भी

Sat, 11 Mar 2023 12:54 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने कर्ज लिया, लेकिन पिछला कर्ज उतारा भी है। पिछले साल कर्ज के मूलधन का 15946 करोड़ और कुल कर्ज पर ब्याज के रूप में 20100 करोड़ अदा किए थे। अब नए बजट में कर्ज का मूल 16626 करोड़ व ब्याज के रूप में 22000 रुपये अदा किया जाएगा।
विज्ञापन
पंजाब विधानसभा की कार्यवाही शुरू - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पंजाब विधानसभा में स्पीकर कुलतार सिंह संधवा की अनुमति से सदन में पंजाब बजट प्रस्ताव 2023 पर बहस हुई। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब विधानसभा में शनिवार को बजट पर बहस का जवाब देते हुए प्रदेश के नए बजट को आम लोगों का बजट बताया। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा की ओर से शुक्रवार को सदन में पेश किए गए वर्ष 2023-24 के बजट पर शनिवार को करीब सात घंटे चली बहस के बाद, विपक्ष के गिने-चुने सदस्यों की मौजूदगी में पारित कर दिया गया। मुख्यमंत्री ने संबोधन में जहां बजट की विशेषताओं का उल्लेख किया, वहीं उन्होंने विपक्षी सदस्यों की अनुपस्थिति और पिछली सरकारों की ओर से बजट पेश करने की परिपाटी पर तंज भी कसे। उन्होंने बहस के दौरान विपक्ष की ओर से कर्ज लेकर सरकार चलाने के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि पंजाब को लोगों को मुफ्त बिजली देने व आम आदमी क्लीनिक खोलने के बावजूद एक साल में 36 हजार करोड़ का कर्ज वापस किया है।

विज्ञापन


मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने कर्ज लिया, लेकिन पिछला कर्ज उतारा भी है। पिछले साल कर्ज के मूलधन का 15946 करोड़ और कुल कर्ज पर ब्याज के रूप में 20100 करोड़ अदा किए थे। अब नए बजट में कर्ज का मूल 16626 करोड़ व ब्याज के रूप में 22000 रुपये अदा किया जाएगा। सदन में करीब 11 बजे से बजट पर चर्चा शुरू हुई। चर्चा में पक्ष और विपक्ष के 30 सदस्यों ने भाग लिया। मुख्यमंत्री ने बहस पर चर्चा में जवाब की शुरुआत विपक्षी सदस्यों की अनुपस्थिति पर सवाल उठाते हुए की। उन्होंने कहा कि आधी कांग्रेस और भाजपा घर पहुंच गई है। जो बैठे हैं, उन्हें समझ आ गया होगा कि बैठे रहो तो बोलने का समय मिलता है। उन्होंने कहा कि यह आम लोगों को समझ आने वाला बजट है, जिसमें 26 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ वित्त मंत्री 2 लाख करोड़ रुपये के करीब ले गए हैं। लगभग हर क्षेत्र में बढ़ोतरी वाला बजट है। उन्होंने कहा कि हमारा मकसद ही पंजाब और पंजाब के लोगों की खातिर काम करना है। वित्त मंत्री ने जनता को राजस्व घाटा, प्रति व्यक्ति आय जैसे शब्दों में नहीं उलझाया, बल्कि सीधे तरीके समझ आने वाला और लोगों की भाषा में बजट पेश किया है। इससे पहले, शनिवार को सदन में बजट पर बहस में हिस्सा लेते हुए सत्ता पक्ष ने सदस्यों ने जहां बजट को बेहतरीन ठहराया वहीं विपक्ष ने महिलाओं को 1000 रुपये देने के वादे और मुलाजिमों के लिए ओपीएस के वादे पूरे न करने का आरोप लगाते हुए बजट को आम लोगों के साथ धोखा बताया।

पहले के बजट में सिर्फ शेर-ओ-शायरी होती थी
उन्होंने पूर्व वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल का नाम लिए बिना कांग्रेस पर तंज कसा कि कांग्रेस वाले वित्त मंत्री साहब जो आजकल भगवे हैं, पता नहीं कौन से देशों की भाषा में पंजाबियों को बजट समझाते और सुनाते रहे। बजट कम और शेर-ओ-शायरी ज्यादा। नौ बार बजट पेश कर गए। लेकिन शेर पुराने ही पढ़ते रहे। कांग्रेस डेपुटेशन पर वित्त मंत्री लाई थी। भाजपा के अश्विनी शर्मा के इस आरोप पर कि आप सरकार केंद्र की निंदा करती है और मांगने भी उनके पास ही जाती है, के जवाब में मान कहा कि क्या भीख मांग रहे हैं? हमारा हक है। अपना पैसा मांग रहे हैं, जो हमारे लोगों के टैक्स का पैसा है। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र की भाजपा सरकार पर भी निशाना साधा कि अरविंद केजरीवाल की ओर से शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराई तो 'फ्री की रेवड़ी' कहा गया। मुख्यमंत्री ने सवाल किया कि 15 लाख का पापड़ किसने बेचा था? हर साल 2 करोड़ नौकरियां देने वाले कौन थे? रेल के डिब्बे में चाय बेचते थे। बड़े हुए तो रेल का डिब्बा ही बेच डाला। सब कुछ बेच दिया और मीडिया खरीद लिया।
विज्ञापन


आधुनिक स्कूलों में 80 फीसदी गरीब बच्चे पढ़ेंगे
मुख्यमंत्री मान ने कहा कि भाजपा को पंजाब के बजट पर बोलना ही नहीं चाहिए। एससी-एसटी के लिए कम बजट के आरोपों का जवाब देते हुए मान ने कहा कि जो स्कूल बनेंगे, उनमें 80 फीसदी गरीबों के बच्चे पढ़ेंगे। मोहल्ला क्लीनिकों में भी गरीबों को इलाज मिलेगा। इन पर खर्च होने वाला पैसा आखिरकार 40 फीसदी आबादी को भी लाभ देगा। मुख्यमंत्री ने विपक्ष के आरोपों को भी सिरे से खारिज कर दिया कि आप सरकार कर्ज लेकर काम चला रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार द्वारा एक साल के अंदर 117 स्कूल ऑफ एमिनेंस की स्थापना, 500 से अधिक आम आदमी क्लीनिक, हरेक बिल पर 600 यूनिट मुफ़्त बिजली की सुविधा और 26,000 सरकारी नौकरियाँ दी गई हैं और इस सबके बावजूद हमारी सरकार ने पंजाब पर चढ़े हुए 36,000 करोड़ रुपए का कजऱ् एक साल में वापस कर दिया है।

चन्नी से पूछेंगे, अमेरिका में क्या सीखाः मान
पंजाब सरकार द्वारा 36 प्रिंसिपलों को सिंगापुर में ट्रेनिंग पर भेजे जाने के मामले में मुख्यमंत्री ने सदन में कहा कि कांग्रेस वाले एतराज जता रहे हैं कि सिंगापुर क्यों, अमेरिका क्यों नहीं भेजा। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस सदस्यों से कहा कि आपका आखिरी प्रिंसिपल चन्नी अमेरिका गया था। पीएचडी करने। क्या पढ़कर आया, उससे पूछेंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उन्होंने चन्नी को कैलिफोर्निया जाने से नहीं रोका। बल्कि चन्नी ने जब नहीं जाने का फैसला किया, उससे तीन दिन पहले ही उनके खिलाफ एलओसी जारी हो चुका था।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य की यूनिवर्सिटियों को घाटे में नहीं रहने दिया जाएगा। नए बजट में यूनिवर्सिटीज के लिए केवल 290 करोड़ रुपये का बजट रखे जाने को लेकर पंजाबी यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर का वीडियो वायरल होने से उठे विवाद को विपक्ष ने हाथोंहाथ लेते हुए शनिवार को सरकार पर निशाना साधा था। मुख्यमंत्री ने कहा कि सूबे की कोई भी यूनिवर्सिटी जब भी पैसों की मांग करेगी, सरकार हर हाल में उसे पैसा मुहैया कराएगी।

व्यापारियों को नहीं समझ आया जीएसटीः मान
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सदन में जीएसटी को लेकर अलग अंदाज में केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अब तक व्यापारी ही समझ नहीं पाए हैं कि जीएसटी क्या है। उन्होंने कहा- "इसे ऐसे समझें। एक टीचर ने छात्र से पूछा, नीम के पेड़ पर जो दो केले लगे। जब नींबू पके और जो खरबूजा गिरा। तब नीचे बेर कितने थे? यही जीएसटी है। व्यापारी अब तक समझ नहीं पा रहे।"

मालगाड़ियां कराची के रास्ते ले जाया करो
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बजट बहस पर अपने भाषण के दौरान सूबे के थर्मल प्लांटों के लिए उड़ीसा से कोयला मंगाने के घटनाक्रम का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि गैर-भाजपा शासित राज्य होने के कारण पंजाब को श्रीलंका से होकर गुजरात की बंदरगाह के रास्ते कोयला लाने को कहा गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने केंद्रीय मंत्री के सामने यह बात रखी और कहा कि जब पंजाब से धान लेने की बारी होती तो सीधी ट्रेनें भेजकर धान उठा ली जाती है। अगली बार केंद्र सरकार ऐसा करे कि पंजाब से अन्य राज्यों को धान पहुंचाने के लिए मालगाड़ियां कराची के रास्ते ले जाया करे। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि उनके इसी तर्क पर केंद्र ने आर-एस-आर का फार्मूला वापस लिया है।

पंजाब विधानसभा में पंजाब विनियोजन बिल बहुमत से पास
वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा द्वारा शनिवार को पंजाब विधानसभा में पंजाब विनियोजन (नंबर 3) बिल 2023 पेश किया गया। जिसे विधानसभा द्वारा बहुमत के साथ पास कर दिया गया। बजट संबंधी हुई बहस और सवालों के जवाब देते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व अधीन पंजाब सरकार द्वारा राजस्व में हुई वृद्धि के स्वरूप ही वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए शिक्षा, कृषि और अन्य अहम क्षेत्रों के बजट में रिकॉर्ड वृद्धि संभव हुई है। 

वित्त मंत्री ने कहा कि नई आबकारी नीति के स्वरूप राजस्व में 45 फीसदी इज़ाफा हुआ है। उन्होंने कहा कि विरोधी पक्ष को इस नीति का विरोध करने की जगह राज्य के राजस्व में वृद्धि करने के लिए सरकार की तारीफ करनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि केवल यही नहीं पंजाब सरकार ने कर-रहित राजस्व में 26 प्रतिशत, इसके अलावा जीएसटी में 23 प्रतिशत, अष्टाम और रजिस्ट्रियों से राजस्व में 19 प्रतिशत और वाहन कर में 12 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि राजस्व में हुई वृद्धि के कारण ही कृषि क्षेत्र के लिए 20 प्रतिशत, शिक्षा के लिए 12 प्रतिशत और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए बजट में अपेक्षित वृद्धि कर पाना संभव हुआ है।

पंजाब सरकार की ओर से लिए गए कर्जे संबंधी बात करते वित्त मंत्री ने कहा कि पंजाब सराकार की तरफ से साल 2007- 2012 दौरान 28592 करोड़ रुपए, 2012 से 2017 तक 99304 करोड़ रुपए और 2017 से 2022 तक 99505 करोड़ रुपए का कर्ज लिया गया। पंजाब सराकार द्वारा साल 2007-2012 के दौरान 28,592 करोड़ रुपए, 2012 से 2017 तक 99,505 करोड़ रुपए का कर्ज लिया गया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा 15,946 करोड़ रुपए की मूल अदायगी और 20,100 करोड़ रुपए की ब्याज अदायगी समेत कुल 36,046 करोड़ रुपए की कजऱ् अदायगी की गई है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा पंजाब सराकर ने बीते एक साल में कंसोलीडेटिड फंड में 3000 करोड़ रुपए जमा करवाए, जबकि पहली सराकर द्वारा पाँच सालों में केवल 2900 करोड़ रुपए इस फंड में जमा करवाए गए थे।

अलग-अलग सरकारी एजेंसियों द्वारा बीते समय में लिए गए कर्जे से राहत दिलाने के लिए दी गई 2000 करोड़ रुपए की सहायता का जिक्र करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा सरकारी एजेंसियों को बचाने के लिए पंजाब सहकारी कृषि विकास बैंक को 885 करोड़ रुपए, पनसप को 300 करोड़ रुपए, शूगरफैड को 400 करोड़ रुपए, जि़ला सहकारी बैंकों को 135 करोड़ रुपए, मिल्कफैड को 36 करोड़ रुपए, फाजि़ल्का शुगर मिल को 10 करोड़ रुपए की सहायता दी गई। उन्होंने कहा कि यदि पहली सरकारों द्वारा अदायगियाँ समय पर की गई होती तो इन रकमों में इतनी वृद्धि नहीं होती।
विज्ञापन

विपक्ष ने महिलाओं को 1000 रुपये और ओपीएस का मुद्दा उठाया  
पंजाब विधानसभा में शनिवार को वर्ष 2023-24 के बजट पर बहस के दौरान विपक्षी सदस्यों ने सरकार पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया। बहस में हिस्सा लेने वाले अधिकांश सदस्यों ने महिलाओं को 1000 रुपये प्रतिमाह देने और मुलाजिमों के लिए ओपीएस लागू करने की घोषणा करने के बावजूद बजट में धन का प्रावधान नहीं करने के लिए सरकार की आलोचना की। भाजपा विधायकों ने सरकार की नीयत पर भी सवाल उठाए। इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच हलकी नोंकझोंक भी चलती रही।

शनिवार को सदन में बजट पर बहस की शुरुआत कांग्रेस के विधायक राणा गुरजीत सिंह ने की। उन्होंने पंजाब से युवाओं के ब्रेन ड्रेन का मुद्दा उठाते हुए कहा कि राज्य से न केवल युवाओं का बौद्धिक पलायन हो रहा है, बल्कि विभिन्न आइलेट्स केंद्रों और विदेशी विश्वविद्यालयों के माध्यम से यहां का पैसा भी बाहर जा रहा है। उन्होंने आइलेट्स केंद्रों में तैनात अध्यापकों की योग्यता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हर साल छह लाख बच्चे इन केंद्रों के माध्यम से 3 से 4 बार फीस भरते हैं, लेकिन सभी को कामयाबी नहीं मिल पाती। सरकार को इन केंद्रों में गरीब तबके के बच्चों की फीस माफ करने का प्रावधान करना चाहिए। राणा गुरजीत सिंह ने सदन में सब्जियों पर एमएसपी दिलाने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि आज पंजाब के आलू की बेकद्री हो रही है। मंडियों में आलू 2 से 3 रुपये किलो तक बिक रहा है, यह मेहनतकश किसानों के साथ धोखा है। उन्होंने कपास के बीज के लिए चिन्हित कंपनियों से खरीद करने से पहले किसान की जमीन की जांच करने की मांग की। उन्होंने कहा कि धान की सीधी बुवाई के लिए क्षेत्र घटता जा रहा है, जिससे पानी का दुरुपयोग बढ़ रहा है। सरकार को इस ओर ध्यान देने की जरूरत है।

भाजपा के अश्वनी शर्मा ने कहा कि महिलाओं को 1000 रुपये न देकर आम आदमी पार्टी ने उनका उत्पीड़न किया है। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को बजट शुरू होते ही महिलाएं टीवी के सामने बैठ गई थीं लेकिन दो घंटे बाद उन्हें कुछ नहीं मिला। चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी के नेताओं ने महिलाओं को एक-एक हजार रुपये प्रतिमाह देने के बड़े-बड़े वादे किए थे लेकिन एक साल में दो बजट के बावजूद यह वादा पूरा नहीं किया गया। शर्मा ने कहा कि आम आदमी पार्टी के नेताओं ने झूठे वादे करके लोगों को गुमराह किया। उन्होंने कहा कि एक साल में 504 मोहल्ला क्लीनिक खोलने के बाद अब 142 नए मोहल्ला क्लिनिक खोलने की बात की जा रही है लेकिन क्या इस रफ्तार से सरकार 5 साल में 16 हजार क्लिनिक खोल पाएगी?

डॉ. नछत्तर पाल ने बजट में सेहत व शिक्षा के लिए पैसा बढ़ाने का स्वागत किया लेकिन एससी विद्यार्थियों के पोस्ट मैट्रिक स्काॅलरशिप का पैसा बढ़ाए जाने की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने कौशल विकास के लिए अब तक जारी फंड को बंद कर दिए जाने के लिए सरकार की आलोचना भी की। राजकुमार चब्बेवाल ने आम आदमी क्लीनिकों निर्माण में लगाए जा रहे पैसों को लेकर जांच कराने की मांग की, जबकि संदीप जाखड़ ने फालिल्का में नहरी पानी का मुद्दा उठाया। इस पर सत्ता पक्ष के सदस्यों ने जाखड़ पर आरोप लगाया कि कांग्रेस के कार्यकाल में नहरों को उनके खेतों की तरफ मोड़ा गया था और बाकी किसानों को पानी नहीं मिल पाता था।
 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें