पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने शुक्रवार को वित्त वर्ष 2023-24 के लिए 1.96 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया। बजट मुख्य रूप से कृषि, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र पर केंद्रित है। पिछले साल की तुलना में यह बजट करीब 26 फीसदी अधिक है। वित्त मंत्री चीमा ने आप सरकार के पहले पूर्ण बजट में किसान मित्रों की नियुक्ति, मौसम की मार से बचाने के लिए फसल बीमा, पंजाब यंग एंटरप्रेन्योर और कृषि पंपों के सोलराइजेशन जैसी कई योजनाओं की घोषणा की।
मार्च 2022 में सत्ता में आने के बाद आप सरकार ने सबसे पहले 22 मार्च को लेखानुदान पारित किया और फिर जून में अपना बजट पेश किया था। वित्त मंत्री ने कहा कि आप सरकार स्वच्छ, प्रभावी और कुशल शासन प्रदान करने के लिए काम कर रही है और उन्होंने राज्य को वित्तीय संकट में छोड़ने के पिछले शासनों पर निशाना साधा।
यहां बिंदुओं में समझे किस विभाग को मिला कितना बजट।
कृषि और बागवानी:
- कपास के बीज पर 33 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान करने के लिए 1,000 करोड़ रुपये के परिव्यय का एक परिक्रामी कोष स्थापित किया गया।
- बीजों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए एक ट्रैक-एंड-ट्रेस मैकेनिज्म।
- धान की फसल के लिए डीएसआर तकनीक अपनाने वाले 30,312 किसानों को प्रति एकड़ 1500 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
- इस वित्तीय वर्ष में डीएसआर और मूंग की खेती के लिए 125 करोड़ रुपये अलग रखे गए हैं।
- अगले वित्त वर्ष में किसानों को बिजली सब्सिडी के लिए 9,331 करोड़ रुपये का परिव्यय, पिछले साल 9,064 करोड़ रुपये से अधिक।
- बागवानी के लिए 253 करोड़ रुपये अलग रखा गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में दोगुना है।
- सरकार किसानों को फसल बीमा भी देगी और सीएम भगवंत मान जल्द ही इस संबंध में घोषणा करेंगे।
- लुधियाना, गुरदासपुर, पटियाला, बठिंडा और फरीदकोट में लगाए जाने वाले पांच बागवानी एस्टेट के लिए 40 करोड़ रुपये अलग रखे गए हैं।
- बागवानी उत्पादकों के लिए जोखिमों को कम करने के लिए समर्पित 15 करोड़ रुपये।
- पीएयू ने गर्म क्षेत्र में सेब की किस्म विकसित की है। अगले दो सालों में पंजाब के अपने सेब के बाग होंगे।
- पंजाब राज्य सहकारी कृषि विकास बैंक को अपना कर्ज चुकाने के लिए 885 करोड़ रुपये प्रदान किए जाएंगे।
- गन्ना उत्पादकों को समर्थन देने के लिए शुगरफेड को 400 करोड़ रुपये समर्पित किए गए हैं, जिसमें से 250 करोड़ रुपये अगले वित्तीय वर्ष के लिए अलग रखा गया है।
- 2574 किसान मित्र नियुक्त किए जाएंगे, जो किसानों के घर-घर जाकर सूचनाएं और जानकारी देंगे।