इसके साथ ही उन्होंने इस पूरे मामले में अकाली दल के सदस्यों के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव सदन में लाने की अनुमति भी मांगी, जो स्पीकर ने उन्हें दे दी। वित्त मंत्री के इस समय तक सदन में नहीं पहुंच पाने के चलते स्पीकर ने सदन की कार्यवाही 20 मिनट के लिए स्थगित कर दी और संभवत: इस दौरान उन्होंने यूटी प्रशासन से कार्रवाई के लिए कहा।
सदन स्थगित होने के कुछ देर बाद ही वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल विधानसभा पहुंच गए। सदन की कार्यवाही 11.16 बजे दोबारा शुरू होने पर ब्रह्म मोहिंदरा ने अकाली सदस्यों, जोकि सदन में मौजूद नहीं थे, के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव पेश किया, जिसे सदन में मौजूद सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से पारित कर दिया। इसके बाद वित्त मंत्री ने 11.29 बजे बजट भाषण शुरू किया, जो 1.11 बजे समाप्त हुए। स्पीकर ने इसके साथ ही सदन की कार्यवाही को सोमवार दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।
अकाली दल के कई विधायकों ने अपने करीब 70 से 80 समर्थकों के साथ शुक्रवार को सेक्टर-1 स्थित पंजाब के वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल के घर के बाहर रास्ता रोककर प्रदर्शन किया।
मामले की सूचना मिलते ही मौके पर डीएसपी सेंट्रल व सेक्टर-3 थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ पहुंचे। इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों की अगुवाई कर रहे विधायक बिक्रम सिंह मजीठिया को समर्थकों के साथ वित्त मंत्री के आधिकारिक आवास में प्रवेश करने की कोशिश को नाकाम किया और सभी को हिरासत में लेकर सेक्टर-3 थाना ले गई।
हिरासत में लिये गये विधायकों में बिक्रम सिंह मजीठिया, गुरपताप सिंह वडाला, डॉ. सुखविंदर कुमार, बलदेव सिंह खेड़ा, पवन कुमार टीनू, कंवरजीत सिंह, शरणजीत सिंह ढिल्लों, हरिंदर पाल सिंह, एनके शर्मा, मनप्रीत सिंह अयाली, दिलराज सिंह जुंडर, दिनेश सिंह आदि शामिल थे। उनके खिलाफ डीडीआर दर्ज करने के बाद चेतावनी देकर छोड़ दिया गया।