वित्तमंत्री मनप्रीत बादल ने कांग्रेस सरकार का पहला बजट पेश किया। जिसमें साफ कि कांग्रेस अपने मेनिफेस्टो में किए अपने चुनावी वादे पूरे करने करने को कितनी संजीदा और जल्दी में थी। घाटे केबावजूद वित्तमंत्री ने ज्यादातर वादों को तवज्जो दी। अगर वादे के मुताबिक नहीं दे सके तो कुछ न कुछ जरूर दिया। लेकिन बजट में कुछ प्रमुख मुद्दों पर रोडमैप की कमी भी नजर आई।
बजट में खेती का बजट 6677 करोड़ से बढ़ा कर 10580.99 करोड़ कर दिया गया। इतनी ज्यादा बढ़ोतरी से साफ है कि सरकार खेती सेक्टर को लेकर काफी गंभीर है। लेकिन बजट में किसानों की हालत सुधारने का कोई रोडमैप नहीं है। यह स्पष्ट नहीं है कि इतना बजट कहां खर्च किया जाएगा। इस पैसे से किसानों को गेहूं-धान के फसल चक्र से निकालने को कोई कदम उठाए जाएंगे या हॉर्टिकल्चर यूनिवर्सिटी बनाई जाएगी। एक दिन पहले सीएम ने किसानों का दो लाख तक का कर्ज माफ करने का एलान किया था। लेकिन बजट में सिर्फ 1500 करोड़ रखने से विवाद खड़ा हो गया।
हालांकि बाद में मनप्रीत ने सफाई दी कि यह पहला पड़ाव है। किसानों का कर्ज सरकार ने अडॉप्ट कर लिया है। फसल का मुआवजा बढ़ा कर बारह हजार किया गया, आत्महत्या करने वाले किसानों केपरिजनों को मुआवजा बढ़ा कर राहत दी है। वहीं, पैडी स्ट्रा मैनेजमेंट को लेकर भी गंभीरता दिखाई है। बजट में प्राइमरी स्कूलों में फर्नीचर और कंप्यूटर केलिए प्रावधान किया गया। लेकिन सबसे बड़ी प्राथमिकता टीचरों की भरती को लेकर कोई प्रावधान नहीं है। जबकि, इसी सत्र के दौरान प्रश्नकाल में अक्सर ही यह मुद्दा उठता है।
टीचरों के खाली पद भरने को भी कोई प्रावधान नहीं
Punjab Budget 2017
पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल के ड्रीम प्रोजेक्ट आर्म्ड फोर्सेज प्रिपेयरेटरी इंस्टीट्यूट के प्रदर्शन को कांग्रेस ने सहारते हुए इसी तर्ज पर अटारी में संस्थान खोलने का एलान किया है। कांग्रेस ने सभी पेंशन पांच सौ से बढ़ा कर दो हजार करने का वादा किया था। लेकिन साढ़े सात सौ ही की गई, बजट में उसका भी प्रावधान नहीं रखा।
इसी तरह आशीर्वाद स्कीम की राशि 15 से बढ़ा कर 21 हजार ही की गई। नौजवानों को स्मार्ट फोन देने का वादा कांग्रेस ने पूरा किया। रोजगार सृजन के लिए 91 करोड़ रखे, लेकिन यह कैसे और कहां खर्च होंगे, इस बारे में कुछ भी स्पष्ट नहीं है। शहीद भगत सिंह रोजगार सृजन योजना के तहत पांच साल में तीन लाख नौकरियां कहां से आएंगी, यह भी स्पष्ट नहीं हैं। दिल्ली सरकार की तर्ज पर कांग्रेस ने भी मोहल्ला क्लीनिक की तरह हेल्थ एंड वेलनेस क्लीनिक खोलने का एलान कर एक और चुनावी वादा पूरा किया है। लुधियाना में साइकिल वैली का एलान पिछले बजट में अकाली सरकार ने भी किया था। मौजूदा इंडस्ट्री को बजट में कुछ नहीं मिला।
हर जिले में एमएसएमई सुविधा केंद्र का एलान जरूर किया गया है। स्टांप ड्यूटी और ट्रांसफर फीस घटने से लोगों को राहत मिलेगी, सरकार को राजस्व मिलेगा और रिएल एस्टेट कारोबार भी मंदी के दौर से बाहर आ सकता है। मनप्रीत कांग्रेस का एक और वादा पूरा करने में कामयाब रहे। आटा-दाल स्कीम केसाथ चाय पत्ती और चीनी को शामिल करने केलिए पांच सौ करोड़ का प्रावधान किया गया।
पटियाला को मिलीं कई सौगातें
Punjab Budget 2017
पटियाला को मिलीं कई सौगातें
वित्तमंत्री मनप्रीत बादल ने सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के शहर पटियाला को कई सौगातें दीं हैं। सेंट्रल स्टेट लाइब्रेरी पटियाला को पांच करोड़ रुपये देने का प्रावधान किया गया है। जोकि ई-लाइब्रेरी और इसकेबुनियादी ढांचे को अपडेट करने में खर्च किए जांगे।
1875 में स्थापित सरकारी महिंद्रा कॉलेज समेत कई ऐतिहासिक कॉलेजों में बुनियादी ढांच के विकास को दस करोड़ रखे गए हैं। खेलों के विकास को पटियाला में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी स्थापित की जाएगी। इतना ही नहीं, केंद्र सरकार ने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत अब तक पंजाब केसिर्फ तीन शहरों, लुधियाना, जालंधर और अमृतसर को चुना है।
लेकिन बजट में अगले पांच सालों में इन तीनों केसाथ पटियाला को भी स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने का प्रावधान किया गया है। किला मुबारक पटियाला में विश्वस्तरीय पर्यटन सहूलियतें विकसित करने का प्रावधान किया गया है।