छात्र दविंदर ने बताया कि साल 2019 में उसके पिता का देहांत हो गया था। घर में तंगी है। मां आंगनबाड़ी सेंटर में हेल्पर हैं। उनकी पढ़ाई का खर्च सहायता ए हेल्पिंग हैंड्स संस्था की ओर से 10वीं कक्षा से उठाया जा रहा है। मैंने कभी ट्यूशन नहीं लगाया है। स्कूल में जो पढ़ाया जाता था, उसे ही घर पर रिवाइज करता था। परीक्षा के दिनों 9 से 10 घंटे पढ़ाई की। दविंदर ने बताया कि विदेश में पढ़ाई कर अकाउंटेंट बनने का उनका सपना है।
पढ़ाई में अड़चन न आए, इसलिए टीवी नहीं लगवाया
बीसीएम स्कूल फोकल प्वाइंट के छात्र रोहन ने बताया कि उनकी बड़ी बहन कॉमर्स की पढ़ाई कर ही है। वह उनकी मदद करती हैं। स्कूल में एकस्ट्रा क्लासेज लगाने के बाद घर आकर भी दो घंटे हर रोज पढ़ाई करते हैं। बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो, इसलिए माता-पिता ने घर में टीवी ही नहीं लगवाया।
रोहन ने बताया कि अध्यापकों का भी काफी सहयोग रहा है वे हमेशा बेहतर करने को मोटिवेट करते थे। पिता गीता राम किराना की दुकान चलाते हैं। माता जनको देवी गृहिणी है। आर्थिक तंगी के चलते स्कूल ने उनकी आधी फीस माफ की थी। रोहन लॉ कर लोक सेवा में जाना चाहते हैं। रोहन सॉफ्टबाल में नेशनल स्तर के प्लेयर भी हैं।
पठानकोट की कनिका शर्मा ने 99.33 फीसदी अंक लेकर जिले में टॉप किया है। गांव चक्क नारायणी निवासी इलेक्ट्रीशियन सुखदेव की बेटी कनिका सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल घियाला में पढ़ती हैं। कनिका ने अपनी सफलता का श्रेय कड़ी मेहनत और माता-पिता के सहयोग को दिया। इसके अलावा स्कूल प्रिंसिपल और क्लास टीचर को भी धन्यवाद दिया। कनिका आईएएस बनकर देश सेवा करना चाहती हैं।
12वीं की परीक्षा में पठानकोट इस बार पिछड़ गया है। सूबे में पठानकोट पिछले साल 13वें स्थान पर था लेकिन इस साल खिसककर 18वें पायदान पर पहुंच गया है। इस साल पठानकोट में सरकारी, प्राइवेट और एडिड स्कूलों के कुल 5764 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। इसमें से 5267 विद्यार्थी ही उत्तीर्ण हो सके हैं। 497 विद्यार्थी फेल हैं। 80 सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूलों समेत 242 प्राइवेट और एडिड स्कूल के नतीजों की समीक्षा के लिए जिला शिक्षा अधिकारी ने ऑनलाइन बैठक रखी है। खराब नतीजे वाले स्कूल मुखियाओं से इसका जवाब भी मांगा जा सकता है।
श्री चमकौर साहिब: प्रभजोत कौर को मिले 450 में से 449 अंक
बाबा अजीत सिंह बाबा जुझार सिंह खालसा सीनियर सेकेंडरी स्कूल श्री चमकौर साहिब की छात्रा प्रभजोत कौर ने मेडिकल में 450 में से 449 अंक हासिल किए हैं। स्कूल के प्रिंसिपल गुरिंदर सिंह भंगू ने बताया कि छात्रा ने पढ़ाई के क्षेत्र में तो अच्छे अंक प्राप्त किए ही हैं पंजाब तैराकी के बटर फ्लाई मुकाबलों में भी पहला स्थान हासिल किया था। प्रभजोत कौर ने फिजिक्स विषय के अध्यापक मुनीश भल्ला और अपने पारिवारिक सदस्यों की मौजूदगी में सफलता का श्रेय स्कूल के अध्यापकों, प्रिंसिपल को दिया। वह बाल रोग विशेषज्ञ बनना चाहती हैं। उनके पिता जसविंदर सिंह है। उनकी माता सरकारी स्कूल में अध्यापक हैं।