प्रदेश भाजपा प्रधान का चुनाव अचानक स्थगित कर दिया गया है। यह चुनाव दस जनवरी को चंडीगढ़ स्थित पार्टी मुख्यालय में होना था। पर ऐन मौके पर चुनाव टाल दिया गया। पार्टी ने चुनाव टालने की कोई वजह भी स्पष्ट नहीं की है। पंजाब में भाजपा के 33 सियासी जिले हैं।
नियमानुसार प्रदेश प्रधान के चुनाव के लिए कम से कम आधे जिला प्रधानों का चुनाव होना जरूरी है। पर पंजाब में 22 जिला प्रधानों के चुनाव हो चुके हैं। ऐसे प्रदेश प्रधान के चुनाव का रास्ता साफ है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का कार्यकाल भी खत्म हो रहा है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के लिए आधे प्रदेश प्रधानों के चुनाव कराना जरूरी था। इसलिए पार्टी ने आनन-फानन में कई राज्यों में चुनाव करवा दिए। हाल ही में हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के भाजपा प्रधानों के चुनाव हुए हैं। अब पंजाब की बारी थी। यहां भी चुनाव की तारीख घोषित कर दी गई थी। पर ऐन मौके पर चुनाव टाल दिया गया।
प्रधानगी की दौड़ में सबसे आगे मौजूदा प्रधान कमल शर्मा का नाम चल रहा है। उनके अलावा पूर्व प्रधान अश्वनी शर्मा भी रेस में हैं। तीसरे दावेदार हैं राज्य सभा सदस्य अविनाश राय खन्ना।
माना जा रहा है कि चुनाव नजदीक होने के कारण पार्टी कमल शर्मा को ही दोबारा जिम्मेदारी सौंप सकती है। लेकिन अगर शर्मा विरोधी गुट की चली तो खन्ना या अश्वनी शर्मा में से किसी को प्रधान बनाया जा सकता है।