भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री अनिल जोशी और मास्टर मोहन लाल लगातार किसानों के मुद्दों पर प्रदेश नेतृत्व पर आरोप लगा रहे हैं। दोनों नेता कह रहे हैं कि पंजाब भाजपा के पदाधिकारियों ने केंद्रीय नेतृत्व को किसान आंदोलन के सही तथ्यों के बारे में नहीं बताया। जिसके कारण आज राज्य में भाजपा पदाधिकारियों को किसानों के आक्रोश का सामना करना पड़ रहा है।
पार्टी में हालात ऐसे हो गए हैं कि एक ही मुद्दे पर पार्टी के नेता अलग-अलग बयान दे रहे हैं। जिसके कारण अब पार्टी कई गुटों में नजर आने लगी है। सियासी जानकार इसकी वजह किसान आंदोलन को बता रहे हैं। उनका कहना है कि किसान आंदोलन के बाद पार्टी पर आए संकट ने नेताओं के बीच की दरार और गहरी हो गई है।
ये नेता छोड़ गए पार्टी
किसान आंदोलन के बाद पार्टी में शुरू हुई अंतर्कलह के कारण कई नेता भाजपा को अलविदा कह गए हैं। पिछले साल गो सेवा आयोग का नेतृत्व करने वाले अनुसूचित समाज के नेता कीमती भगत पार्टी छोड़कर अकाली दल में शामिल हो चुके हैं। इसके अलावा भाजपा महासचिव मलविंदर सिंह कंग भी इस्तीफा दे चुके हैं। हाल ही में उन्होंने आम आदमी पार्टी की सदस्यता ली है। पार्टी सूत्रों के अनुसार चुनाव से पहले कई और बड़े चेहरे दूसरे दलों की ओर रुख करेंगे।
पार्टी में किसी तरह की कोई अंतर्कलह नहीं है। भाजपा एक अनुशासित पार्टी है। चुनाव की नजदीकियों को देखते हुए संगठन की कई महत्वपूर्ण बैठकों का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें कार्यकर्ताओं से केंद्रीय नेतृत्व और प्रदेश स्तर के नेता रूबरू हो रहे हैं। जल्द ही नाराज नेताओं को भी सुना जाएगा। - दुष्यंत गौतम, प्रभारी पंजाब, भाजपा