पंजाब की 16वीं विधानसभा के पहले सत्र में 90 विधायक पहली बार सदन में पहुंचे। सत्र के पहले दिन शपथ लेने के बाद आप विधायकों के इंकलाब जिंदाबाद के नारों से विधानसभा परिसर गूंज गया। सरकार की ओर से तीन दिन सत्र चलाने का फैसला किया गया है। सत्र के कारण सभी अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं।
पंजाब की गठित नई विधानसभा में पहली बार 61 विधायक ऐसे पहुंचे हैं जिनकी उम्र 50 साल से कम है। पंजाब विधानसभा में इस बार 90 विधायक पहली बार जीतकर पहुंचे हैं। इसके अलावा 17 विधायक दूसरी बार, 6 तीसरी बार, 3 चौथी बार और 1 विधायक 5वीं बार जीतकर पहुंचा है। सरकार की ओर से अधिकारियों को सत्र को गंभीरता से लेने के लिए कहा गया है।
पंजाब के सभी बड़े अधिकारियों की छुट्टियां भी इस कारण से रद्द कर दी गई हैं। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वह किसी भी सूरत में गैरहाजिर न हों। पंजाब विधानसभा को पहली महिला अध्यक्ष मिलने की संभावना है। इसके लिए जगरांव से दूसरी बार आप विधायक चुनी गईं सर्वजीत कौर माणुके का नाम सबसे आगे हैं। उनके अलावा तलवंडी साबो से दूसरी बार विधायक बनी प्रो. बलजिंदर कौर का नाम भी इस दौड़ में है। फिलहाल शपथ ग्रहण के लिए सीनियर विधायक डॉ. इंद्रबीर निज्जर को प्रोटेम स्पीकर बनाया गया है।
सदन पहुंचे कांग्रेस विधायक और पूर्व डिप्टी सीएम सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि विपक्ष के सदस्य के रूप में वे पंजाब से संबंधित मुद्दों को उठाना जारी रखेंगे। वहीं आप विधायक हरदीप सिंह मुंडिया ने कहा कि पुरानी दोनों पार्टियों ने लोगों को लूटना शुरू कर दिया था। बहुत से मुद्दे हैं, नया पंजाब बनाना है। वहीं मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शपथ लेने के बाद इंकलाब जिंदाबाद का नारा लगाया।
सत्र 22 मार्च तक चलेगा। 18 मार्च शुक्रवार को होली और 19 व 20 मार्च को साप्ताहिक अवकाश के कारण सदन नहीं चलेगा। इससे पहले बुधवार को राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित ने राजभवन में डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर को पंजाब विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर के रूप में शपथ दिलाई थी। इंदरबीर सिंह निज्जर पंजाब की अमृतसर दक्षिण सीट से आम आदमी पार्टी के विधायक हैं। सत्र की कार्यवाही चलाने के लिए यह नियुक्ति की गई थी।
तीन दिन के अवकाश के बाद 21 मार्च को सुबह 11 बजे सत्र आगे शुरू होगा और विधायक स्पीकर का चुनाव करेंगे और 12 बजे राज्यपाल का अभिभाषण होगा। 22 मार्च की बैठक में दिवंगत शख्सियतों को श्रद्धांजलि दी जाएगी और उसके बाद राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर सदन में चर्चा शुरू होगी। इसके बाद सरकार की तरफ से वर्ष 2021-22 के लिए पूरक अनुमान पेश किए जाएंगे और साथ ही वोट-ऑन-अकाउंट (लेखानुदान) भी पेश किया जाएगा।