पंजाब विधानसभा में बुधवार का दिन ऐतिहासिक रहा। विधायी कामकाज से इतर सदन श्री गुरु नानक देव जी के फलसफे और उनके जीवन दर्शन को समर्पित रहा। 550वें प्रकाश पर्व के ऐतिहासिक आयोजन में जुटी पंजाब सरकार ने बुधवार को विधानसभा के विशेष सत्र के जरिए यह जता दिया कि प्रकाश पर्व का मुख्य आयोजन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में ही किया जा रहा है। इस ऐतिहासिक क्षण में हरियाणा सरकार को भी आमंत्रित किया गया था लिहाजा इस मौके पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल समेत राज्य के सभी विधायक मौजूद रहे।
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विशेष सत्र में मुख्य मेहमान उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने प्रकाश पर्व आयोजन को लेकर कैप्टन के कार्यों की प्रशंसा की। वहीं, गुरु साहिब के समरसता, समानता और सद्भावना के उपदेशों की चर्चा क रते हुए सभी विधायकों से इनका अनुसरण करने का आह्वान किया। वहीं, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि भविष्य के विवादों को सुलझाने में करतारपुर मॉडल मददगार होगा। सत्र में पंजाब और हरियाणा के राज्यपाल भी विशेष रूप से मौजूद रहे। विशेष सत्र की अध्यक्षता उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने की।
सदन में स्पीकर के आसन की जगह सात कुर्सियां लगाई गई थीं, जिन पर पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह, उप राष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू, हरियाणा के राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य, पंजाब के राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल और पंजाब विधानसभा के स्पीकर राणा केपी सिंह विराजमान थे। लेकिन अकाली दल की मांग के बाद भी राज्य सरकार ने पांच बार के मुख्यमंत्री रहे प्रकाश सिंह बादल को मुख्य मेहमानों के साथ नहीं बैठाया। इस मौके पर अमरिंदर सिंह ने मंच पर मौजूद मेहमानों को सोने और चांदी के यादगारी सिक्कों, यादगारी चिह्न और किताबों के सेट के साथ सम्मानित किया।
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विधानसभा में दिखी संयुक्त पंजाब की झलक
पंजाब विधानसभा में बुधवार को नजारा बिल्कुल अलग था। 1966 में अलग हरियाणा राज्य गठन के बाद पहली बार विधानसभा में दोनों राज्यों के विधायक एक साथ बैठे। माहौल भी सौहार्दपूर्ण रहा। दोनों राज्यों के विधायकों ने एक स्वर में श्री गुरु नानक देव जी के उपदेशों के अनुसरण का प्रण लिया।
पंजाब विधानसभा में कुल 210 सदस्यों के बैठने की व्यवस्था है, जबकि पंजाब सरकार की मौजूदा सदस्य संख्या 110 और हरियाणा की 90 है। इस तरह, दोनों राज्यों के सदस्य 53 साल बाद एक बार फिर इसी सदन में एकसाथ बैठे तो संयुक्त पंजाब के समय की विधानसभा की झलक दिखाई दी।
गुरु साहिब के सिद्धांतों का अनुसरण करें विधायक: उप राष्ट्रपति
अपने मुख्य भाषण में उप-राष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने अगले कुछ दिनों में करतारपुर गलियारा खुलने पर ख़ुशी जाहिर की। उन्होंने विधायकों को समानता वाले समाज का सृजन करने के लिए गुरु साहिब के सिद्धांतों के अनुसार लोगों की सेवा करके मिसाल कायम करने का आह्वान किया। श्री गुरु नानक देव जी को समानता के पक्षधर बताते हुए नायडू ने कहा कि पहले सिख गुरु साहिब ने महिलाओं के सत्कार के लिए भी आवाज बुलंद की।
उप राष्ट्रपति ने अपना भाषण पंजाबी भाषा में शुरू किया और फिर अंग्रेजी में पूरा किया। उन्होंने पंजाब और हरियाणा के विधायकों की सहयोग से विशेष सत्र बुलाने के लिए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और पंजाब विधानसभा के स्पीकर राणा केपी सिंह को बधाई भी दी। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस विलक्षण कदम से श्री गुरु नानक देव जी का संदेश और शिक्षाओं का प्रसार कोने-कोने तक होगा।
भविष्य के विवादों को सुलझाने में मदद करेगा करतारपुर मॉडल: मनमोहन
पूर्व प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह ने श्री गुरु नानक देव जी द्वारा आपसी प्यार और सत्कार के दिखाए मार्ग पर चलने की अपील की। ख़ुशहाल भविष्य को यकीनी बनाने के लिए शान्ति और सद्भावना को एकमात्र रास्ता बताते हुए कहा कि भविष्य में कश्मक श को खत्म करने के लिए करतारपुर मॉडल सहायक होगा।
डा. मनमोहन सिंह ने सदन को पंजाबी भाषा में संबोधित किया। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब ने किरत करने की शिक्षा दी है। श्री गुरु नानक देव जी का धार्मिक सहनशीलता, अमन-शांति और एक परमात्मा का संदेश सांप्रदायिक हिंसा का खात्मा कर सकता है। उन्होंने कहा कि सांप्रदायिक हिंसा विश्व के सामने बहुत बड़ी चुनौती है।
कैप्टन ने प्रदुषण मुक्त पंजाब बनाने का किया आह्वान
सदन को संबोधित करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भावी पीढ़ियों को गुरु साहिब के महान फलसफे ‘पवन गुरु, पानी पिता, माता धरत महत’ को याद करते हुए कहा कि प्रकृति और मानवता के बीच आपसी अंतर्निहित सांझ है।
गुरु साहिब के फलसफे की भावना को कायम रखने की ज़रूरत है ताकि भावी पीढ़िी को वातावरण प्रदूषण के कारण फैलती घातक बीमारियों से बचाया जा सके। मुख्यमंत्री ने सभी से कुदरत और कुदरती स्रोतों को सँभालने की अपील की। सीएम ने उम्मीद जाहिर की कि सदन में पंजाब और हरियाणा के विधायकों के बीच आज दिखी सद्भावना भविष्य में दोनों राज्यों के बीच साझेपन की डोर को और मज़बूत करती रहेगी।
अरुण जेटली, सुषमा स्वराज समेत दिवंगतों को दी श्रद्धांजलि
पंजाब के मुख्यमंत्री और कांग्रेस विधायक दल के प्रमुख कैप्टन अमरिंदर सिंह ने विधानसभा के नेतृत्व में पिछले सत्र के बाद पूर्व केंद्रीय मंत्रियों अरुण जेतली और सुषमा स्वराज समेत दिवंगत हस्तियों को श्रद्धाँजलि भेंट की। दिवंगत आत्माओं की याद में दो मिनट का मौन रखा गया और 15वीं विधानसभा के 9वें विशेष सत्र में सदन के पुनऱ् एकत्रित होने के समय इन नेताओं को याद किया गया। स्पीकर राणा कंवरपाल सिंह ने पिछले सत्र के बाद दिवंगत सभी सदस्यों को श्रद्धाँजलि भेंट की।
सदन द्वारा 16 प्रसिद्ध हस्तियों को याद करने के बाद स्पीकर ने दिवंगत आत्माओं के परिवारों के साथ दुख साझा करने के लिए प्रस्ताव पास किया। यह प्रस्ताव मौखिक वोटों से पास किया गया। अरुण जेतली और सुषमा स्वराज के अलावा सदन ने मुकेरियाँ के विधायक रजनीश कुमार बब्बी, पूर्व सांसद सुखदेव सिंह लिबड़ा, पूर्व सांसद सचिव सुरिन्दर सिंह धुरी के अलावा पंजाब भाजपा के पूर्व पार्टी प्रधान कमल शर्मा, स्वतंत्रता संग्रामी मुखत्यार सिंह, सीता सिंह, गुरदियाल सिंह, मुनशा सिंह और निर्मल सिंह को श्रद्धांजलि भेंट की।
इसके अलावा विधायक हरदयाल सिंह कम्बोज़ और विधायक लखबीर सिंह लोधीनंगल की विनती पर स्वतंत्रता संग्रामी जीवन सिंह और हरी कृष्ण को भी श्रद्धांजलि दी गई। सदन ने पंजाब कैडर के पूर्व आईएएस अधिकारी पद्मश्री सरबजीत सिंह और पंजाब लोक सेवा आयोग के सदस्य डॉ. हरभजन सिंह दिओल को भी याद किया गया। इसके साथ ही स्पीकर द्वारा हलका सुनाम के विधायक अमन अरोड़ा के भाई कमल अरोड़ा को भी श्रद्धा के फूल भेंट किये गए।
सुल्तानपुर लोधी के विधायक नवतेज सिंह चीमा के कहने पर विधानसभा स्पीकर ने 4 नवंबर को स्वर्ग सिधार गए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के कार्यकारी कमेटी के सदस्य शिंगारा सिंह लोहियाँ का नाम भी शामिल करने के लिए सहमति दे दी।
जगतगुरु नानक देव ओपन यूनिवर्सिटी खोलने संबंधी बिल पास
पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान बुधवार को सदन में जगत गुरु नानक देव पंजाब ओपन यूनिवर्सिटी खोलने संबंधी बिल को सर्वसम्मति से पास कर दिया गया। यह बिल कैबिनेट मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा ने पेश किया था। इस मौके पर अकाली दल और आप के विधायकों ने यह यूनिवर्सिटी पटियाला की बजाए किसी ओर और जिले में खोलने की मांग रखी।
अकाली दल के विधायक और पूर्व वित्त मंत्री परमिंदर सिंह ढींढसा ने कहा कि पटियाला में पहले ही पंजाबी यूनिवर्सिटी है, इसलिए गुरु नानक साहिब के नाम पर खोली जाने वाली यूनिवर्सिटी पटियाला की बजाए किसी अन्य शहर में खोली जानी चाहिए। उन्होंने सुझाव देते हुए कहा कि अच्छा होगा अगर यह यूनिवर्सिटी सुलतानपुर लोधी में खोली जाए।
ढींढसा ने कहा कि इस संबंध में पास किए बिल में कहीं भी यह नहीं बताया गया कि यूनिवर्सिटी का काम गुरु साहेब के संदेश और विचारों को फैलाने का भी होगा। जबकि यह इस यूनिवर्सिट का मुख्य उद्देश्य होना चाहिए। आम आदमी पार्टी के विधायक बुधराम ने कहा कि यह यूनिवर्सिटी किसी पिछड़े इलाके में खोली जानी चाहिए।
उन्होंने मांग की कि यह यूनिवर्सिटी मानसा में खोली जाए। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी में प्रोफेसरों की भरती के दौरान आरक्षण का भी ध्यान रखा जाए। इन विधायकों को जवाब देते हुए कैबिनेट मंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि इस यूनिवर्सिटी में डिसटेंस एजुकेशन करवाई जाएगी, जिससे इस बात का कोई फर्क नहीं पड़ेगा कि यह यूनिवर्सिटी कहां खोली जा रही है।